मदर्स पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव संस्कृति में सांस्कृतिक कार्यक्रमो की धूम रही

भारतीय सभ्यता से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन “संस्कृति” बना यादगार
बदायू। उझानी रोड स्थित मदर्स पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव “संस्कृति” बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया. वार्षिकोत्सव के मुख्य अतिथि डी आई ओ एस प्रवेश कुमार का स्वागत गान के साथ सम्मान किया गया । मुख्य अतिथि डी. आई. ओ. एस. द्वारा माँ सरस्वती का माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गय। विद्यालय प्रबंधक राजेश यादव जी एवं प्रधानाचार्या शीबा खान उपस्थित रही। माँ सरस्वती को नमन करते हुए सर्वप्रथम छात्राओं द्वारा वंदना नृत्य प्रस्तुतीकरण किया गया। तत्पच्चात छोटी बालिकाओ द्वारा ‘पापा मेरे पापा’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया जिसको देखकर सभी अभिभावक गण का भाव विभोर हो गए।

विद्यालय की प्रधानाचार्या द्वारा विद्यालय संस्था की वार्षिक गतिविधियों का लेखा जोखा बताया गया जो की मदर्स के वास्तविक स्वरुप में एक अनूठी उपलब्धि है बच्चियों द्वारा कार्निवल बहुत ही खूबसूरती से दर्शाया गया इसके अलावा सीनियर वर्ग की छात्राओं द्वारा एक नाटक का आयोजन जिसमे मुख्य ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ पर विशेष प्रतिभाग किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य केवल वालिकाओं की शिक्षा पर जोर | नन्ही मुन्नी बालिकाओं द्वारा चार्ली चैपलिन नृत्य के मनमोहक अभिनय ने सभी का मन मोह लिया। फोक लोकनृत्य भारत की विविधता को एकता में दिखाया गया।.

प्रेम सोहार्द से सभी मिलकर रहे, अंत में ग्रान्ड फिनाले का आयोजन किया गया जिसमे कार्यक्रम में सम्मिलित छात्राओ ने मिलकर धूम मचा दी. जिससे कार्यक्रम का समां खुशनुमा हो गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने प्रशंशा करते हुए छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया उनके शब्दों में कि ऐसे ही कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओ का विकास होगा । विद्यालय प्रबंधक ने कार्यक्रम मे प्रतिभागी छात्राओ की प्रशंशा करते हुए कहा कि हमारे विद्यालय की छात्राये जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढती हुई अपने साथ साथ विद्यालय का नाम रोशन करेगीं | समय समय पर ऐसे कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने से छात्राओ की प्रतिभा और निखरती है एवं उनके सर्वांगीण विकास में भी सहायता मिलती है ।
कार्यक्रम के अंत में विधालय की प्रधानाचार्या शीवा खान जी ने प्रतिभागी सभी छात्राओ को बधाई दी। इस मौके पर सम्पूर्ण शिक्षिकाएं एवं विद्यालयी परिवार की उपस्थिति गरिमामयी बनी रही। खुशनुमा माहौल में कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया |
