गांधी नेत्र चिकत्सालय में हुआ सम्मान समारोह

बदायू। गांधी नेत्र चिकत्सालय बदायूं में जिला औषधी वितरण संघ बदायूं के जिला अध्यक्ष अखिल रस्तोगी जो की नेत्र चिकत्सालय के मुख्य रूप से फाउंडर हैं उनकी अध्यक्षता में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
इस सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि बदायूं के सी एम ओ प्रदीप वार्ष्णेय ,विशिष्ट अतिथि बॉम्बे से आए आई सी आई सी आई बैंक के महा प्रबंधक अनुज अग्रवाल स पत्नी और सह विशिष्ट अतिथि आई सी आई सी आई बैंक दिल्ली एन सी आर के महा प्रबंधक संजय चौधरी रहे।

दिनांक 02/10/2022 को गांधी नेत्र चिकित्सालय बदायूं को तकनीकी सुविधा प्रदान करने के वास्ते इस नेत्र चिकत्सालय को आई सी आई सी आई बैंक के महा प्रबंधक ने 2500000 पच्चीस लाख रुपए की इलेक्ट्रोनिक मशीन और उपकरण उपलब्ध कराए थे।

दोनो ही अतिथियों को उपहार भेंट कर फूलमाला पहनाकर सम्मान किया साथ ही बॉम्बे के महाप्रबंधक की पत्नी को नेत्र चिकत्सालय की लेडी ऑप्टोमेटिक नर्स रसिदा सैफी और नाजिया ने फूल माला पहना कर सम्मान किया ।
विशिष्ट अतिथि बॉम्बे के महा प्रबंधक अनुज अग्रवाल जी का स्वागत और सम्मान औषधि वितरण संघ के जिला अध्यक्ष अखिल रस्तोगी ने तथा आई सी आई सी आई दिल्ली एन सी आर
से आए नेत्र चिकत्सालय के ऑप्टोमेटिक डॉक्टर पीयूस महेश्वरी ने दोनो अतिथियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया ।
नीरज कुमार शर्मा ने बदायूं के सी एम ओ प्रदीप वार्ष्णेय को फूल माला पहनाकर सम्मान किया एवम क्रम से सभी ने अतिथियों को माला पहनाकर सम्मान किया।

सम्मान समारोह कार्यक्रम का संचालन भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन के जिला अध्यक्ष बदायूं नीरज कुमार शर्मा ने किया।
ओषधी वितरण संघ के जिला अध्यक्ष अखिल रस्तोगी ने बताया कि 2अक्टूबर 2022 से आज तक सर्व समाज के लोगो के 400 से अधिक नेत्र रोगियों के आंखों के ऑपरेशन किए जा चूके हैं और हमारी संस्था इसी प्रकार रोगियों के उपचार करने ममें भूमिका निभाती रहेगी उन्होंने बताया इलेक्ट्रोनिक मशीन और अन्य उपकरण नेत्र रोगियों तथा ऑप्टोमेटिक डॉक्टर को बहु उद्देशीय साबित हुई हैं

पूरे शिष्ट मंडल ने नेत्र रोगियों और उनके तीमारदारों से सुविधाओं की जान कारी ली।
सम्मान समारोह और जल पान के व्यवस्थापक पूर्व कर्मचारी नेता इं प्रमोद कुमार शर्मा रहे।
सम्मान समारोह में इंद्रेश कुमार रस्तोगी,हेमंत सारस्वत ,शिव स्वरूप गुप्ता ,एम बाई खान नेत्र चिकित्सालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
