प्रदेश में पहली बार बदायूँ में हुआ स्वर्णप्राशन का अभिनव प्रयोग
बदायूं। अति कुपोषित बच्चों का हुआ स्वर्णप्राशन बाल विकास परियोजना समरेर क्षेत्र के कुल 198 अति कुपोषित बच्चों के स्वस्थ्य परीक्षण कार्यक्रम ब्लॉक परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें सभी बच्चों का आयुष की पद्धति से स्वाथ्य परीक्षण करवाया गया। जिलाधिकारी की प्रेरणा व मुख्य विकास अधिकारी के कुशल निर्देशन में उत्तर प्रदेश में जनपद बदायूँ के समरेर ब्लॉक में यह अपनी तरह का अलग अभिनव नवप्रयोग हुआ, जिसमें 171 बच्चों को एक साथ स्वर्णप्राशन महायोग जो कि माह में एक बार पड़ने वाले पुष्य नक्षत्र में दिया जाता है।

शनिवार को मुख्य अतिथि विधायक दातागंज राजीव कुमार सिंह के कर कमलों से ब्लॉक समरेर प्रांगण में बच्चों को इस स्वर्णप्राशन कराकर शुभारंभ किया। अति विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी दीपा रंजन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 ओ0पी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ऋषिराज द्वारा भी बच्चों को अपने कर कमलों से स्वर्ण प्राशन कराया गया। कार्यक्रम में समस्त उपस्थित बच्चों को आयुर्वेदिकघृत का वितरण किया गया। यह पुराने ज़माने की आयुर्वेदिक पद्धति की वैक्सीन है, जो बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही है।

दातागंज विधायक ने कहा कि स्वर्णप्राश कार्यक्रम प्रदेश का यह पहला और अनोखा है। उन्होंने कहा कि जनता को इस कार्यक्रम का लाभ अवश्य मिलेगा। जो छोटे-छोटे बच्चे अक्सर बीमारियों में ग्रस्त रहते हैं यह अवसर उनके लिए काफी लाभकारी होगा। शासन द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की भांति इस कार्यक्रम का लाभ सभी तक पहुंचेगा। यह कार्यक्रम प्रतिमाह आयोजित किया जाएगा इसलिए सभी लोग अपने नवजात बच्चों का स्वर्णप्राश अवश्य कराएं। इसके प्रयोग से बच्चे मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। बीमारियों से लड़ने में यह स्वर्णकार साबित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार सभी की समस्या एवं आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की जन कल्याणकारी योजनाएं चला रही है जिसका लाभ जनता तक सीधे पहुंच रहा है।

विधायक ने डीएम को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सबसे दूरस्थ ब्लॉक से इस अनूठे कार्यक्रम की शुरुआत की गई व अपील की गई कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जितनी भी योजनाएं संचालित की जा रही हैं उन सभी का भली भांति प्रचार प्रसार किया जाए व जनता इसका लाभ प्राप्त करे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को भी कहा गया कि लोगों द्वारा जिस तरह से कोविड के दौरान पूर्ण मनोयोग से कार्य किया गया वह सराहनीय रहा है। सभी लोग अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए कुपोषण को दूर करने में पूर्ण मनोयोग से जुटे व ब्लॉक समरेर ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने में मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री की संकल्पना को साकार करें।
डीएम ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से लोगों को बहुत लाभ मिलेगा, यह महंगी दवा है, जोकि आपके नवजात बच्चों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इसलिए अपने बच्चों को अवश्य पिलाएं। उन्होनें कहा कि जिस प्रकार बच्चों को अन्य प्रकार के टीके लगाए जाते हैं, उसी प्रकार से पुराने ज़माने की आयुर्वेदिक पद्धति की वैक्सीन है जो बच्चों में टीके की तरह काम करेगी। जिससे बच्चे कुपोषित न हों, स्वस्थ हों, रोग प्रतिरोधक क्षमता उनमें विकसित हो यही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। बच्चों के कुपोषण के खिलाफ यह कार्यक्रम संचालित किया गया है। सभी लोग सुपोषण युक्त समाज के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। बच्चों को कुपोषण से दूर करने में स्वर्णप्राशन का भी अति महत्व है। हमारे ऋषि-मुनियों, मनीषियों ने हमेशा यह चिंता की है कि मनुष्य को सुखी रहना है तो निरोग रहना जरुरी है। कोशिश यह हो कि हम बीमार न हों। स्वर्ण प्राशन चटाने का अति महत्व है। जन्म से लेकर 16 साल की आयु तक अभिभावक बच्चों में इसका उपयोग करते हैं। याद रखें कि जन्म से लेकर 06 माह बच्चों को माँ का सिर्फ गाड़े पीले दूध का ही सेवन पिलाएं, यह बच्चों के लिए अमृत के समान होता है।
एसएसपी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं, माता-पिता उनके शारीरिक विकास के लिए पूरा प्रयास करते हैं। इसी को दृष्टिगत रखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम की बधाई देते हुए कहा कि सभी लोग इसका लाभ अवश्य उठाते हुए अपने बच्चों को एक वर्ष तक प्रतिमाह अवश्य पिलाए। यह सभी माता-पिता एवं अभिभावकों की जिम्मेदारी है। यह सौभाग्य की बात है कि इस अनूठे नवाचार कार्यक्रम और देश के भविष्य बच्चों के इस अतिकुपोषित बच्चों के बाहर लाने इस कार्यक्रम में वह सहभागी बने। जिलाधिकारी द्वारा लाभार्थियों को इसके महत्व को समझाया गया व सभी लाभार्थियों के माता पिता से अपील की गई कि वह प्रत्येक माह अपने बच्चों को लाकर अपने बच्चों को इसका लाभ दिलवाएं। अन्त में जिला कार्यक्रम अफिकरी द्वारा सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया गया व विश्वास दिलाया गया कि विभाग अपने उत्तरदायित्व के प्रति संवेदनशील है व जिलाधिकारी के निर्देशन में अथक प्रयास कर कुपोषण में कमी लायी जाएगी।
सीडीओ ने कहा कि उन्होंने स्वर्णप्राशन बच्चों को पिलाने वाली कम्पनी का धन्यवाद देते हुए कहा कि काफी हर्ष की बात है कि उन्होंने इसके लिए समरेर ब्लॉक को चुना है। उन्होंने कहा कि सभी माता-पिता निर्भीक होकर इस दवा को पिलाएं इससे बच्चों को किसी प्रकार का नुकसान होगा। साथ ही साथ सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायकों को विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई दो- दो साड़ियों का वितरण जिलाधिकारी से कराया गया। आयुर्वेदाचार्य व बच्चों के डॉक्टर द्वारा बताया गया कि स्वर्णप्रशन योग व आयुर्वेदिक घृत के प्रयोग से बच्चे कुपोषण की स्थिति से बाहर लाने में मददगार होगा साथ ही बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होगा। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा लाभार्थियों को विश्वास दिलाया गया कि यह प्रयास किया जायेगा कि निरन्तर 6 माह तक इन बच्चों का स्वर्ण प्राशन होता रहे। इस अवसर पर पीडी डीआरडीए अनिल कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी आदीश मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अरुण कुमार जादौन, बीडीओ पूनम सक्सेना डॉ0 राघवेन्द्र मोहन एवं डॉ0 सुदीप सहायवेदार्थ, विभा वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद रहे।















































































