अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया
बदायूं। गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय की आई० क्यूँ० ए०सी० एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्राचार्या डॉ वंदना शर्मा के संरक्षण एवं निर्देशन में डॉ गार्गी बुलबुल के संयोजन व आई० क्यूँ० ए०सी० कॉर्डिनेटर असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती के आयोजन एवं संयोजन में, डॉ शिल्पी तोमर के सहयोग में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर्षोल्लास के साथ मना।साथ ही आज द्वितीय दिवस वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ वंदना शर्मा के मुख्य आतिथ्य में व डॉ गार्गी बुलबुल की अध्यक्षता में महिला कल्याण विभाग से छवि वैश्य, रुचि पटेल जिला कॉर्डिनेटर बदायूँ के अतिथ्य में माँ शारदे के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। प्राचार्या डॉ वंदना शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही है, बल्कि हर क्षेत्र में सफलता के झंडे भी गाड़ रही हैं। डॉ गार्गी बुलबुल ने बताया कि केंद्र सरकार समय-समय पर महिलाओं के समग्र विकास के लिए तरह-तरह की योजनाएं लाती रही है। इसी का परिणाम है कि आज समाज में महिलाओं की भूमिकाओं में कई तरह के बदलाव देखने को मिल रही है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए कार्यक्रम संयोजिका असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती ने बताया कि आज शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र होगा, जहां महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज न कराई हो।


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाये जाने के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महिला दिवस मनाने का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य महिला और पुरुषो में समानता बनाए रखना है। आज भी दुनिया में कई हिस्से ऐसे है, जहां महिलाओं को समानता का अधिकार उपलब्ध नहीं है। नौकरी में जहां महिलाओं को पदोन्नति में बाधाओं का सामना करना पड़ता है, वहीं स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाए आज भी पिछड़ी हुई है।महिलाओं को अपने सम्मान एवं अस्मिता की लड़ाई अभी भी लड़नी पड़ रही हैं। डॉ शिल्पी तोमर ने कहा कि जिस औरत को नहीं देता समाज स्थान, वही औरत हैं इस समाज का आधार। डॉ निशी अवस्थी ने बताया कि औरत ही समाज की वास्तविक शिल्पकार हैं। वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया। परिणाम इस तरह रहा- पक्ष में प्रथम रही कु पलक वर्मा द्वितीय अम्बिका रहीं। विपक्ष में प्रथम रही कु शिखा पटेल, द्वितीय स्थान पर कु सोनिया और तृतीय स्थान कु शालिनी सागर ने प्राप्त किया। निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका डॉ शिखा पांडेय, डॉ शुभी भाषीन ने निभाई। सभी छात्राओं को प्राचार्या माम् द्वारा सम्मानित किया गया। समस्त छात्राओं का सक्रिय सहयोग रहा। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा। अंत में डॉ गार्गी बुलबुल ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।














































































