ये वाणी राम हो जाए,ये आँखें राम हो जाएँ
अगर मन राम हो जाए तो फिर आराम हो जाए
बिल्सी में हुआ विराट कवि सम्मेलन
बिल्सी। स्थानीय रामलीला मैदान पर गौशाला रामलीला कमेटी के तत्वावधान में बीती शनिवार की रात एक विराट सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ पालिकाध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद पालिकाध्यक्ष और मेला कमेटी के पदाधिकारियों ने सभी कवियों को शॉल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। पीलीभीत से पधारी कवयित्री एकता भारती ने सरस्वती वंदना से कवि सम्मेलन को शुरु किया। जिसका गीतकार नरेंद्र गरल ने अध्यक्षता और दिल्ली के कुशल कुशवाह ने संचालन किया। उझानी से आई अंजलि श्रीवास्तव ने सुनाया-
राम नाम सुखदाई, महिमा सभी ने गाई
रीति निति के प्रणेता राम को प्रणाम है
राम भजे सारादेश,प्रभु राम ही विशेष,
राम बिन कहाँ शेष,कुछ भी आराम है।।
आचार्य संजीव रुप ने सुनाया-
ये वाणी राम हो जाए,ये आँखें राम हो जाएँ
अगर मन राम हो जाए तो फिर आराम हो जाए
गीतकार नरेंद्र गरल ने सुनाया-
अब किसपर तू अवलम्बित है,तेरा सपना क्यों लम्बित है।
तेरी छवि अनमोल धरोहर,तू कण-कण में प्रतिबिम्बित है।
दर्शन का सन्यासी बन जा,दृग-मृग छाला करता चल
डा.सोनरुपा विशाल ने सुनाया-
दर्द का आकलन नहीं होता इसमें कोई चयन नहीं होता
प्यार में इतना ही पड़ता है प्यार में आचमन नहीं होता
नगर के युवा कवि आशीष वशिष्ठ ने सुनाया-
राम जी की लीला हुयी धन्य हो गया है मंच
झंकृत शारदे की दिव्य वीणा हो गयी
काव्य वाटिका से चयनित कर थोडे फूल
कवि-कवियित्रियों की माला सी पिरो गयी
सुवीन माहेश्नरी ने पढ़ा-
गंगा जी से माँ जैसा व्यवहार कीजिये
कल-कल बहती माँ का प्यार लीजिये
बरेली पधारे आनन्द गौतम ने सुनाया-
उलझे हुए प्रश्नों का समाधान करें हम
आओ कि अपने देश का उत्थान करे हम
औरैया से आए अजय अंजान ने सुनाया-
मेवाड विजय के रस्ते में खुद का तन रोड़ा बना दिया
चेतक योद्धा बन गया और मुगलों घोड़ा बना दिया
एटा से आए बलराम सरस ने सुनाया-
अगर हो खून में गरमी तो हर बय में जवानी है
वहीं पर जोश जिंदा है जहां जिंदा रवानी है।

इसके अलावा यहां कुलदीप अंगार, पदम अलवेला, विपिन चौहान, टिल्लन वर्मा आदि ने कवियों ने अपना सुंदर काव्य पाठ किया। इस मौके पर मोहित गुप्ता, लवकुमार वार्ष्णेय, विनोद पालीवाल, डा.राजाबाबू वार्ष्णेय, अजय प्रताप, दीपक चौहान, पीयूष शाक्य, राहुल माहेश्वरी, राहुल वार्ष्णेय, जितेंद्र कुमार, विजय वार्ष्णेय, तरुण कुमार, हरिओम राठौर, संजीव वार्ष्णेय, राजेश माहेश्वरी, पीयूश माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।















































































