प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग मानव सभ्यता के लिए खतरा
बदायूँ।आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला में 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले स्वच्छ भारत अभियान के तहत आज गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय बदायूं की राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई के तत्वाधान में कार्यक्रम अधिकारी सरला देवी चक्रवर्ती के निर्देशन एवं नेतृत्व में “प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग मानव सभ्यता के लिए खतरा” – विषय पर कार्यशाला का आयोजन कर चलाया सिंगल यूज़ प्लास्टिक एकत्रीकरण एवं निस्तारण अभियान।

कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल की अध्यक्षता में माँ शारदे को नमन् कर किया गया। कार्यक्रम संयोजिका कार्यक्रम अधिकारी असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती ने प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ है जिसके कारण जल, मृदा और वायु तीनों प्रकार के प्रदूषण होते है, साथ ही यह मानव जीवन के लिए भी खतरा है। अगर प्लास्टिक का उपयोग इसी तरह बढ़ता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब प्लास्टिक की वजह से मानव सभ्यता का नामो निशान मिट जाएगा। प्लास्टिक बैग पर्यावरण के लिये एक गंभीर संकट है। इसके अंदर सिंथेटिक पालीमर नामक एक पदार्थ होता है, जोकि पर्यावरण के लिए काफी हानिकारक होता है और क्योंकि यह नान-बायोडिग्रेडबल होता है, इसी वजह से इसका निस्तारण भी काफी कठिन है। प्लास्टिक बैग वजन में काफी हल्के होते है इसलिये ये हवा द्वारा आसानी से एक जगह से दूसरी जगह उड़ा कर इधर-उधर बिखेर दिये जाते है। यह केवल शहरो और कस्बो में ही प्रदूषण नही फैलाते बल्कि की जलीय स्रोतों और महासागरो में पहुंचकर समुद्री जीवों के लिये भी गंभीर समस्या उत्पन्न कर देते है। प्लास्टिक बैग हमारे पर्यावरण के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य लिए भी एक गंभीर संकट बन चुका है और अब यह वह समय है जब हमें इसके उपयोग को रोकना होगा। इसके लिये हमें अपनी क्षणिक सुविधाओ को छोड़कर इसके व्यापक रुप से होने वाले नुकसान को देखना होगा। इसके अलावा कुछ आसान उपायो जैसे कि बाजार से सामान खरीदने के लिये हम प्लास्टिक बैग के जगह कपड़े के बैग का इस्तेमाल कर सकते है, प्लास्टिक के कप प्लेट की जगह मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करें। जिससे हम आने वाले समय में वातावरण के स्वच्छता में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकते है।
प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल ने सभी को प्लास्टिक बैग का प्रयोग न करने का संकल्प दिलाया कहा कि आओ घर-घर अलख जगाएं, प्लास्टिक को घर-घर से भगाएं।
अंत में कार्यक्रम अधिकारी सरला देवी चक्रवर्ती के निर्देशन एवं नेतृत्व में स्वयंसेविकाएं कु इलमा नाज , दिशा, प्रियंका, शीतल,साक्षी, शिवानी, आदि ने महाविद्यालय परिसर व आस पास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक का एकत्रीकरण किया लगभग पांच किलो प्लास्टिक का एकत्रीकरण और निस्तारण कर जन जन को दिया संदेश कि प्लास्टिक है जीवन का अभिशाप प्लास्टिक को अपने जीवन से हटाए पर्यावरण और धरती को स्वच्छ बनाएं क्योंकि पॉलीबैग नहीं तुम्हारा दोस्त, गन्दगी और बीमरी का है मुख्य स्त्रोत।













































































