बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित यज्ञ स्थल पर आज रविवार को आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया। जहां पर आर्य संस्कारशाला के बच्चों ने बेटी दिवस धूमधाम से मनाया। यहां सबसे पहले बेटियों ने सामूहिक यज्ञ किया। उसके पश्चात बेटियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मोना, तानिया ने यजुर्वेद के 40वें अध्याय के मंत्रों का पाठ किया। निशा ने नृत्य गीतिका प्रस्तुत की। भावना, अंजलि, कौशिकी आर्य ने सुंदर रंगोली बनाई। आर्य संस्कारशाला की शिक्षिका प्रज्ञा आर्य ने कहा कि बेटियां घर की रौनक होती हैं। बेटियों के होने से घर बागीचा लगता है। बेटियां घर परिवार का श्रंगार होती है। वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा आधी दुनिया है नारी। हर नारी के कई रूप होते हैं। वह बेटी, बहन, पत्नी और मां है। हर रूप में वह समाज का निर्माण करती है। हर व्यक्ति को अपनी बेटी को बेटों की तरह प्यार देना चाहिए और उसे शिक्षित संस्कार करना चाहिए। इस मौके पर राकेश आर्य, अगरपाल सिंह, मनोज श्रीवास्तव, संजीव कुमार, प्रश्रय आर्य, सूरजवती देवी, संतोष कुमारी, सत्यम आर्य, मुन्नी देवी आदि मौजूद रही।