विश्व रक्तदाता दिवस पर हॉपयूनिटी हेल्पिंग वेलफेयर फाउंडेशन का राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगा
बदायूँ। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर हॉपयूनिटी हेल्पिंग वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूँ में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य रक्तदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में युवाओं, समाजसेवियों एवं जागरूक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मानवता की सेवा का संदेश दिया।शिविर का शुभारंभ संस्था के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. कृष्णा सिंह ने स्वयं रक्तदान कर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को रक्तदान के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। उन्होंने सभी स्वस्थ नागरिकों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. शिव कुमार के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का संचालन पैथोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुचेता यादव, ब्लड सेंटर प्रभारी डॉ. वैशाली सिंह एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। शिविर में कुल 20 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 15 लोगों ने सफलतापूर्वक रक्तदान किया।रक्तदान करने वालों में जेसीआई नेशनल ट्रेनर सुधांशु गुप्ता, संजय कुमार, नितिन कुमार, सनी वाष्णेय, योगेश कुमार सिंह, राव रंजीत संतराम सहित कई जागरूक नागरिक शामिल रहे। सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनके इस मानवीय योगदान की सराहना की गई।की व्यवस्थाओं का सफल संचालन हॉपयूनिटी हेल्पिंग वेलफेयर फाउंडेशन की निदेशक ममता कृष्णा सिंह एवं सह-संस्थापक राधेश्याम ने अपनी टीम के साथ किया। संस्था के स्वयंसेवकों और सहयोगियों ने शिविर को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस दौरान उपस्थित चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने कहा कि रक्तदान एक सुरक्षित, सरल और पूर्णतः मानवीय कार्य है, जिससे अनेक गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि “रक्तदान महादान है” और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए नियमित रक्तदान करना चाहिए।विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित यह रक्तदान शिविर सामाजिक सेवा, मानवता और जनकल्याण के प्रति हॉपयूनिटी हेल्पिंग वेलफेयर फाउंडेशन की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बना। कार्यक्रम ने समाज में रक्तदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ लोगों को इस पुण्य कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।















































































