बरेली। फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की 1501वीं सालाना विलादत के मुबारक मौके पर कस्बे और थाना क्षेत्र में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी अकीदत, मोहब्बत और शानो-शौकत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे, नौजवान, बुजुर्ग और अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस के दौरान अमन, मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम दिया गया। जगह-जगह लंगर का भी आयोजन किया गया। मुख्य मार्ग पर अंजुमनो का एडवोकेट इमरान अंसारी व तमाम लोगों ने फूलों की बारिश कर स्वागत कियासुबह करीब नौ बजे जामा मस्जिद, गौसिया मस्जिद, कादरी मस्जिद समेत विभिन्न मस्जिदों और मदरसों से अंजुमनें अपने-अपने इलाकों से जुलूस की शक्ल में रवाना हुईं। जुलूस में शामिल लोग नात-ए-पाक और सलाम पेश करते हुए आगे बढ़े। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में जुलूस को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। नातख्वानी, तिलावत-ए-कुरआन और सलाम की सदाओं से वातावरण भक्तिमय बना रहा।जुलूस कस्बे के मुख्य मार्गों से होता हुआ लोधीनगर चौराहे पर पहुंचा। यहां उलमा-ए-किराम ने तकरीरें पेश की इसके बाद जुलूस बिजली घर पहुंचा, जहां दुआ-ए-खैर के साथ जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए। जगह जगह लोगों ने लंगर का आयोजन कर अकीदतमंदों को भोजन और प्रसाद वितरित किया।जुलूस में उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। थाना प्रभारी प्रवीन कुमार चौकी प्रभारी आदेश कुमार पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालते नजर आए। पुलिस टीम ने जुलूस के मार्गों पर निगरानी रखते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा।जुलूस में सभी मस्जिदों के इमाम और विभिन्न अंजुमनों के पदाधिकारियों के अलावा एडवोकेट इमरान अंसारी, सरदार अजहरी, राजा भाई, असद अंसारी, मोहम्मद शरीफ, अमान अंसारी, फैजुल अंसारी, नावेद कादरी, असजद अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।