बरेली। 29 सफ़र 1448 हिजरी, शुक्रवार को इमाम हसन अलैहिस्सलाम की शहादत के अवसर पर खानकाह-ए-नियाज़िया की ओर से करबला, बाक़रगंज, बरेली में श्रद्धा एवं अकीदत के साथ लंगर-ए-इमाम हसनؑ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। लंगर में विभिन्न प्रकार के भोजन, फल एवं आइसक्रीम वितरित की गई। साथ ही जरूरतमंद और गरीब परिवारों में राशन भी तकसीम किया गया, ताकि इस मौके पर सेवा और इंसानियत का पैगाम आम हो। कार्यक्रम के दौरान जुलूस भी निकाला गया, जिसमें खानकाह-ए-नियाज़िया से जुड़े साहबज़ादगान, मुरिदान एवं अकीदतमंदों ने भाग लिया। जुलूस में कमाल मियां नियाज़ी, ज़ाहिद मियां नियाज़ी, राज़ी मियां नियाज़ी, जुनैदी मियां नियाज़ी, अस्करी मियां नियाज़ी सहित खानकाह-ए-नियाज़िया के तमाम साहबज़ादगान और मुरिदीन मौजूद रहे। यह कार्यक्रम सुबह लगभग 10 बजे से शाम 3 बजे तक चला। पूरे कार्यक्रम के दौरान अकीदतमंदों ने इमाम हसन अलैहिस्सलाम की शहादत को याद करते हुए उनकी सीरत, सब्र, सखावत और इंसानियत के पैगाम को आम करने का संकल्प लिया। खानकाह-ए-नियाज़िया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इमाम हसनؑ की याद में खिदमत-ए-खल्क, जरूरतमंदों की सहायता और आपसी भाईचारे का संदेश देना ।