दातागंज में डॉ. शैलेश पाठक के नेतृत्व में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, उमड़ा जनसैलाब
दातागंज। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक के नेतृत्व में दातागंज नगर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के गीतों पर झूमते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा नगर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया और जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। यात्रा का शुभारंभ डॉ. शैलेश पाठक के कैंप कार्यालय से हुआ। यहां से तिरंगा यात्रा देशभक्ति संगीत के साथ नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए तहसील परिसर पहुंची। यात्रा में शामिल लोग हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के गगनभेदी नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। युवाओं और अन्य लोगों में यात्रा को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। तहसील परिसर स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कीर्ति स्तंभ स्थल पर पहुंचकर सभी ने स्वतंत्रता सेनानियों के नामपट पर पुष्प अर्पित किए और मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इसके बाद तिरंगा यात्रा वापस नगर की ओर रवाना हुई। वापसी के दौरान सभी लोग बुध बाजार पहुंचे, जहां स्थित महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजन किया गया। इसके बाद बस्ती में प्रसाद लगाया गया और लोगों को मिष्ठान वितरित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से देशभक्ति के साथ सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी दिया गया। डॉ. शैलेश पाठक ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग और बलिदान देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके संघर्ष के कारण ही आज देश स्वतंत्र है। उन्होंने लोगों से राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने तथा आपसी भाईचारा बनाए रखने का आह्वान किया। तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं, स्थानीय लोगों और समर्थकों की मौजूदगी रही। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।इस मौके पर पूर्व चेयरमैन आकाश बर्मा,पूर्व चेयरमैन मो इशाक,सभासद पंकज कश्यप,सभासद सुरेश माथुर,सभासद सुमित बर्मा,राघव मिश्रा,पंजाब सिंह यादव,अरविंद अग्निहोत्री,प्रमोदसक्सेना,प्रेमपाल शर्मा,दीपक गुप्ता आदि लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।















































































