बरेली। दिल्ली हाईवे, फतेहगंज पश्चिमी में प्रस्तावित लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) टाउनशिप योजना को लेकर एस. एंड सी. कर्मचारी यूनियन ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने सुझाव दिया कि टाउनशिप के लिए प्रस्तावित 125 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (रबड़ फैक्टरी) की निष्प्रयोजित पड़ी करीब 1170 एकड़ भूमि में से किया जाए। यूनियन का कहना है कि इससे किसानों की जमीन अधिग्रहित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सरकार की लागत भी कम होगी। फैक्टरी कॉलोनी में करीब 80 प्रतिशत बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है, जिससे आंतरिक विकास पर प्रस्तावित करीब 240 करोड़ रुपये के खर्च में भी कमी आ सकती है। यूनियन ने कहा कि इससे सरकार को आर्थिक लाभ मिलने के साथ परियोजना को विकसित करने में भी सुविधा होगी।ज्ञापन में मजदूरों के लंबित वैधानिक देयकों के निस्तारण की मांग भी उठाई गई। यूनियन के अनुसार 19 जुलाई 2024 को लखनऊ में हुई बैठक में जिलाधिकारी बरेली ने मजदूरों की करीब 247 करोड़ रुपये की देनदारी बताई थी। यूनियन ने बताया कि फैक्टरी 15 जुलाई 1999 को बंद हुई थी। करीब 1446 कर्मचारियों के क्लेम प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से लगभग 1045 मजदूरों को जनवरी 2023 में क्लेम लेटर भेजे जाने का दावा किया गया है। यूनियन ने शासन से प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने की मांग की है।