बरेली। आला हज़रत के 108वें उर्स-ए-रज़वी में बरेली शरीफ पहुंचे लाखों ज़ायरीन रविवार को कुल शरीफ के अगले दिन अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए। रुख़सती से पहले बड़ी संख्या में अकीदतमंद नबीरा-ए-आला हज़रत एवं ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी (आरएसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी से मुलाकात के लिए आरएसी मुख्यालय ‘बैतुर्रज़ा’ पहुंचे। ज़ायरीन ने उनसे दुआएं लीं और अगले साल फिर उर्स में आने की तमन्ना के साथ अपने शहरों और गांवों के लिए रवाना हुए। तीन दिनों तक लगातार ज़ायरीन की खिदमत में जुटी आरएसी टीम रविवार को उनकी सुरक्षित और सुविधाजनक वापसी के लिए भी सक्रिय रही। बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों तक ज़ायरीन को पहुंचाने के लिए आरएसी की हेल्पलाइन जारी रही। सुबह से ही ‘बैतुर्रज़ा’ पर अकीदतमंदों की भीड़ लगी रही। देश के विभिन्न हिस्सों से आए ज़ायरीन ने मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी से मुलाकात कर दुआ की गुजारिश की। अदनान मियाँ ने उन्हें ईमान और अकीदे की हिफाज़त की ताकीद करते हुए कहा कि आला हज़रत से सच्ची मोहब्बत का तकाज़ा है कि अपने घरों में दीनी माहौल पैदा किया जाए और दिलों में इश्क़-ए-रसूल को बसाया जाए। मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने उर्स के सफल आयोजन में सहयोग के लिए प्रशासन एवं संबंधित विभागों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति समेत जहां भी कमियां रह गई हैं, उनकी समीक्षा कर अगले साल उर्स की तैयारियों को और बेहतर बनाया जाना चाहिए।