एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय का 24वां दीक्षांत समारोह संपन्न, 1.00 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिली उपाधि
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय का 24वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को राजकीय आयोजन के रूप में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन से ऑनलाइन माध्यम से की, जबकि कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने कार्यक्रम की मेजबानी की। मुख्य अतिथि पूर्व संयुक्त सचिव डॉ. राकेश कुमार, विशिष्ट अतिथि प्रो. पी.बी. सिंह तथा सांसद छत्रपाल गंगवार भी उपस्थित रहे।समारोह की शुरुआत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के ऑनलाइन अनावरण और पीएम-उषा योजना के तहत नवीनीकृत कृषि एवं प्रौद्योगिकी संकाय के लोकार्पण से हुई। कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि संस्थान को NAAC का A++ ग्रेड और UGC की कैटेगरी-1 का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने शोध को बढ़ावा देने के लिए शोध निदेशालय स्थापित किया है तथा बी.टेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पाठ्यक्रम भी शुरू किया गया है।
दीक्षांत समारोह में 1,00,631 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 62 प्रतिशत छात्राएं और 38 प्रतिशत छात्र शामिल रहे। कुल 85 स्वर्ण पदकों में 71 छात्राओं और 14 छात्रों को सम्मानित किया गया। जयपुरी लाख की चूड़ियों की पारंपरिक हस्तकला में योगदान के लिए इस्लाम अहमद को मानद डी.लिट. उपाधि प्रदान की गई। वहीं प्रो. विनय ऋषिवाल और डॉ. सचिन कुमार को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से नवाजा गया।अपने संबोधन में सांसद छत्रपाल गंगवार ने विद्यार्थियों से समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालय की पहलें इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से “शिक्षार्थ आइए, सेवार्थ जाइए” के मंत्र को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने स्वर्ण पदक विजेताओं में बेटियों की अधिक संख्या पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ग्रामीण विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण अभियान, डिजिलॉकर के माध्यम से उपाधि वितरण, स्टार्टअप, स्वरोजगार और खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी बल दिया।
समारोह के दौरान सामाजिक सरोकार के तहत गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों के मेधावी बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। अंत में कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।















































































