बरेली। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरी शंकर ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत स्थायी एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के आर्थिक, मानसिक और प्रशासनिक शोषण की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। परिषद ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय या उत्पीड़न अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हरी शंकर ने कहा कि कई स्थानों से समय पर वेतन एवं मानदेय का भुगतान न होने, अनुचित कार्य कराने, अभद्र व्यवहार करने तथा कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाए जाने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संस्थानों की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा अधिकारों की रक्षा करना सभी संबंधित अधिकारियों एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेश सरकार, माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की कि कर्मचारियों के उत्पीड़न की शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेकर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी कर्मचारियों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध हो सके। वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरी शंकर ने प्रदेश के सभी स्थायी एवं आउटसोर्स कर्मचारियों से अपील की कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार का शोषण, उत्पीड़न अथवा अन्याय हो रहा है तो वे इसकी सूचना शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद को दें। परिषद प्रत्येक कर्मचारी के अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ संगठनात्मक एवं विधिक स्तर पर हरसंभव संघर्ष करेगी।