बदायूँ में सपा जिला कोषाध्यक्ष बनते ही रचित गुप्ता के आवास पर जीएसटी का बड़ा छापा, 12 घंटे चली कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने मेरठ ले जाकर पूछताछ शुरू की
बदायूँ। समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष बनने के कुछ ही दिनों बाद बदायूँ के प्रमुख कारोबारी एवं सपा नेता रचित गुप्ता के आवास पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग की बड़ी छापामार कार्रवाई से जिले की राजनीतिक और कारोबारी गलियारों में हड़कंप मच गया। बुधवार देर शाम शुरू हुई यह कार्रवाई लगातार करीब 12 घंटे तक चली। देर रात से लेकर गुरुवार सुबह तक अधिकारियों ने आवास और कारोबारी दस्तावेजों की गहन जांच की। कार्रवाई पूरी होने के बाद जीएसटी विभाग की टीम रचित गुप्ता को अपने साथ मेरठ स्थित जीएसटी कार्यालय ले गई, जहां उनसे पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।बताया जा रहा है कि जीएसटी विभाग की टीम सात से आठ सरकारी वाहनों के काफिले के साथ आवास विकास कॉलोनी स्थित रचित गुप्ता के आवास पर पहुंची। अधिकारियों ने पहुंचते ही पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी। इसके बाद टीम ने घर के अंदर मौजूद दस्तावेजों, कंप्यूटर रिकॉर्ड, कारोबारी फाइलों और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की विस्तृत जांच शुरू कर दी। कार्रवाई पूरी रात चलती रही और सुबह तक अधिकारी जांच में जुटे रहे।सूत्रों के अनुसार छापामार कार्रवाई में दिल्ली, नोएडा, मेरठ समेत विभिन्न स्थानों से आए जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। जांच टीम ने कारोबारी गतिविधियों से जुड़े अनेक दस्तावेजों का सत्यापन किया। हालांकि विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया गया है कि जांच के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ या कार्रवाई किस विशेष आधार पर की गई।जानकारी के मुताबिक रचित गुप्ता जिले के बड़े मसाला उद्योग से जुड़े कारोबारी हैं। माना जा रहा है कि जीएसटी विभाग की यह कार्रवाई उनके उद्योग और उससे जुड़े कर संबंधी मामलों की जांच के सिलसिले में की गई है। टीम ने व्यापारिक लेनदेन, कर भुगतान और अन्य वित्तीय अभिलेखों का भी परीक्षण किया।रचित गुप्ता हाल ही में समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष मनोनीत किए गए हैं। संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद यह पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है, जिसने राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि रचित गुप्ता शहर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के संभावित दावेदारों में शामिल माने जा रहे हैं। इससे पहले वह दातागंज विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।जीएसटी की इस कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने इसे राजनीतिक दृष्टि से भी जोड़कर देखा है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्ष से जुड़े नेताओं को चुन-चुनकर जांच एजेंसियों के माध्यम से निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि रचित गुप्ता के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित प्रतीत होती है। हालांकि इन आरोपों पर प्रशासन या जीएसटी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।फिलहाल जीएसटी विभाग की कार्रवाई और मेरठ कार्यालय में जारी पूछताछ को लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कारोबारी वर्ग और राजनीतिक दलों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और विभाग की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है। वहीं आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।















































































