कृषि मंडी समिति निदेशक से मंडी में अनियमितता पर व्यापार मंडल की सार्थक चर्चा
बरेली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का शिष्टमण्डल प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा एवं प्रदेश महामंत्री एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य राजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में कृषि उत्पादन मंडी समिति के निदेशक इंद्रजीत सिंह से लखनऊ स्थित किसान भवन में मिला |शिष्टमण्डल ने कृषि मंडी के लाइसेंस के नवीनीकरण में जमानत दारों को मांगे जाने के विरोध में, कृषि लाइसेंस के नवीनीकरण को आजीवन बनाये जाने, नई ऑनलाइन एप व्यवस्था, दुकानों में वार्षिक 5% वृद्धि के विरोध में, मंडी एप की तकनीकी खामियों की ओर एव मंडी शुल्क में कमी करने के लिए तथा मंडी लाइसेंस धारी को प्रोपराइटरशिप फर्म से पार्टनरशिप फर्म बनाने के लिए एवं मंडी में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में काफ़ी सार्थक चर्चा की। निदेशक मंडी परिषद इंद्रजीत सिंह द्वारा खा गया कि लाइसेंस के नवीनीकरण में जो जमानतदार मांगे जा रहे हैं उसमें यह फैसला हुआ है जिन लाइसेंसिओं के पुराने जमानती जमा है उनका कोई नया जमानत नहीं जमा होगा। नए लाइसेंस के संबंध में एफिडेविट देना है। विरोध भी इसी नियम का हो रहा था। इसी बड़े मुद्दे पर तत्काल राहत मिल गई । बाकी जो भी एप की व्यवस्था या ऑनलाइन में कमियां आ रही है या मंडी डिजिटाइजेशन में जो जो बदलाव किए गए हैं उसके लिए प्रत्येक उपनिदेशक कार्यालय स्तर पर प्रशिक्षण शिविर या कार्यशाला लगाई जाएंगी जिनमे व्यापार मंडल सहयोग करेगा। मंडी के अधिकारी उसमें उनको प्रशिक्षित भी करेंगे|इस प्रकार से प्रत्येक बिन्दु पर सार्थक बात की गई और उसका समाधान निकलवाया गया। अब व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा व राजेंद्र गुप्ता का यह कहना है कि हर हालत में अब व्यापारी उत्पीड़न मुक्त व्यापार मंडी समितियों में और मंडी लाइसेंस ले कर कारोबार कर सकते हैं।
इस अवसर पर बरेली मंडल प्रभारी समित अग्रवाल, दाल मिलर्स संगठन के महामंत्री कैलाश मित्तल, कानपुर से कृपा शंकर, सुनील पांडे, महेंद्र जैन मयूर, योगेंद्र कुमार सिंह लखनऊ धर्मपाल गुप्ता आदि लोग वार्ता में सम्मिलित थे। निर्भय सक्सेना















































































