बदायूँ में फ्लाईओवर बंद होने पर शुरू हुआ जाम तो प्रशासन हरकत में आया, अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया
बदायूं। शहर के सबसे व्यस्त रेल उपरिगामी सेतु (फ्लाईओवर) को मरम्मत कार्य के लिए एक माह के लिए बंद किए जाने के बाद उत्पन्न हुए भीषण जाम ने जिला प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। सोमवार को फ्लाईओवर बंद होने के पहले ही दिन शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे जाम के बाद मंगलवार सुबह जिला प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ सड़क पर उतर आई। मैकूलाल पुलिस चौकी से रेलवे अंडरपास और रेलवे क्रॉसिंग तक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, जिसमें जेसीबी मशीनों की मदद से कच्चे और पक्के दोनों प्रकार के अतिक्रमण हटाए गए।
सुबह से शुरू हुए अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही दुकानदारों और ठेला संचालकों में हड़कंप मच गया। कई लोगों ने स्वयं ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया, जबकि कुछ स्थानों पर जेसीबी मशीन से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अभियान के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो सके।गौरतलब है कि 22 जून से संतोख सिंह तिराहा से भामाशाह चौक (पुलिस लाइन) तक स्थित फ्लाईओवर को एक्सपेंशन ज्वाइंट्स की मरम्मत के लिए एक माह के लिए बंद कर दिया गया है। फ्लाईओवर बंद होने के कारण शहर का अधिकांश ट्रैफिक अब उसके नीचे स्थित मैकूलाल पुलिस चौकी मार्ग और रेलवे अंडरपास से होकर गुजर रहा है। इस मार्ग पर वर्षों से फैले अतिक्रमण के कारण पहले ही दिन वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं और लोगों को चंद मिनटों का सफर तय करने में घंटों का समय लग रहा था।सोमवार को मैकूलाल पुलिस चौकी, रेलवे अंडरपास, नेकपुर अंडरपास और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। भीषण गर्मी के बीच लोग वाहनों में फंसे रहे और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे। हालात इतने खराब हो गए कि मरीजों, व्यापारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई व्यापारियों ने शिकायत की कि जाम और मार्ग परिवर्तन के कारण ग्राहकों की संख्या कम हो गई है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
लगातार बढ़ रही शिकायतों और जाम की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। मंगलवार सुबह नगर पालिका, राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने फ्लाईओवर के नीचे पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और सड़क पर किए गए स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन का मानना है कि सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के कारण मार्ग संकरा हो गया था, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और जाम की स्थिति पैदा हो रही थी।अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फ्लाईओवर की मरम्मत लगभग एक माह तक चलेगी और इस दौरान वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बना रहेगा। इसलिए यातायात को सुचारू रखने के लिए अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण न करें और प्रशासन का सहयोग करें।
शहरवासियों का कहना है कि फ्लाईओवर बंद होने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था की वास्तविक परीक्षा अब शुरू हुई है। यदि वैकल्पिक मार्गों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया और यातायात प्रबंधन को और मजबूत नहीं बनाया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। विशेष रूप से स्कूल खुलने के बाद वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना है, जिससे जाम की समस्या और विकराल रूप ले सकती है।फिलहाल प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है, लेकिन शहरवासियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि एक माह तक चलने वाले फ्लाईओवर मरम्मत कार्य के दौरान प्रशासन जाम और यातायात व्यवस्था को किस प्रकार नियंत्रित कर पाता है।















































































