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हज से लौटे हाजियों का भव्य इस्तक़बाल, देश की तरक्की और खुशहाली के लिए मांगी दुआएं

June 22, 2026By admin0 comments
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​बरेली। हज का मुकद्दर सफर पूरा कर वतन लौटे हाजियों के स्वागत में बरेली हज सेवा समिति की ओर से एक भव्य इस्तक़बालिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कटरा स्थित महफ़िल शादी हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की और हज से लौटे हाजियों का फूलों के हार पहनाकर और गुलपोशी कर जोरदार स्वागत किया।
​कार्यक्रम का आयोजन बरेली हज सेवा समिति के मंडल महासचिव हाजी डॉ. कासिमुद्दीन द्वारा किया गया, जो अपनी पत्नी हज्जन शमा रहमान के साथ सफ़र-ए-हज मुकम्मल कर लौटे हैं।
​’सुभान अल्लाह, वो रूहानी मंज़र कभी भुलाया नहीं जा सकता’
​इस मौके पर हज से वापस लौटे हाजी हसीन मियाँ वारसी ने बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक व समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी के साथ अपने रूहानी अनुभव साझा किए। उन्होंने हज के पाँचों दिनों के अरकान (नियमों) और उन्हें अदा करने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया।हाजी हसीन मियाँ वारसी ने सऊदी अरब सरकार और भारत सरकार द्वारा किए गए इंतजामों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा:
​”इतने बड़े मजमे की मेजबानी करना काबिले-तारीफ है। वहाँ जो चीज़ दिल में सोच लो, वो कुछ ही पलों में सामने आ जाती है। यह निज़ाम साक्षात खुदा का निज़ाम है। काबा शरीफ़ पर पहली नज़र पड़ने का वो रूहानी मंज़र, आँखों में आँसू और लबों पर दुआओं की सदाएं… वो हसीन लम्हे कभी भुलाए नहीं जा सकते।”उन्होंने आगे कहा कि हरम शरीफ़ और मदीने शरीफ़ में अदा की गईं नमाज़ें और काबा शरीफ़ का तवाफ़ हमेशा याद रहेगा। वो ज़मज़म का पानी पीकर पूरा शरीर तरोताज़ा हो जाता है।वापसी के वक्त मदीने और काबा शरीफ़ की जुदाई में आँखों में सिर्फ आँसू थे और दिल में यही तड़प थी कि ‘या अल्लाह, दोबारा फिर बुलाना।’हज यात्रियों को दी पैदल चलने की सलाहहाजियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए आने वाले सालों में हज पर जाने वाले आज़मीन ए हज को अभी से पैदल चलने की आदत डालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जो नज़ारे और सुकून पैदल चलने में मिलता है, वो वाहनों से सफर करने में नहीं मिलता। साथ ही, उन्होंने बरेली हज सेवा समिति द्वारा दी गई अरकान की जानकारी की तारीफ करते हुए कहा कि समिति के मार्गदर्शन के कारण ही वे आसानी से सारे अरकान पूरे कर सके।ल्क की सलामती के लिए उठीं हाथहाजियों ने बताया कि उन्होंने मक्का और मदीना शरीफ़ में हज सहित सभी इबादतों के दौरान अपने मुल्क (भारत) और यहाँ रहने वाले तमाम देशवासियों की खुशहाली, तरक़्क़ी, सलामती और कामयाबी के लिए ख़ूसूसी (विशेष) दुआएं माँगीं।बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी ख़ाँ वारसी ने कहा कि जो लोग हज पर जाना चाहते है वो सभी लोग अभी अपने पासपोर्ट दुरुस्त कर ले। 2027 की हज यात्रा के लिये जल्द ही आवेदन की तारीख आएगी।
​हाजियों का इस्तक़बाल करने वालों में बरेली हज सेवा समिति के अध्यक्ष व विधायक अताउर्रहमान, बरेली बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पाण्डेय एडवोकेट, हाजी साकिब रज़ा खान, हाजी उवैस खान, हाजी सय्यद असद अली, पार्षद शमीम खान, चौधरी असलम मियाँ, हाजी सोहेल आफ़ताब,हाजी यासीन कुरैशी और हाजी फैसल शम्सी सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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