बरेली। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों, कृषि मजदूरों एवं श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए जिला अध्यक्ष सोमवीर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम द्वितीय को सौंपा।जिला अध्यक्ष सोमवीर सिंह ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि प्रस्तावित अमेरिका-भारत ट्रेड डील से किसानों, डेयरी, बागवानी और कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए इसे लागू न किया जाए। ज्ञापन में आवारा पशुओं की समस्या को गंभीर बताते हुए उन्हें गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था करने की मांग की गई। किसानों ने सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सुनिश्चित करने, कृषि क्षेत्र में भ्रष्टाचार रोकने तथा खाद, बीज और दवाओं की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की मांग उठाई।भाकियू टिकैत ने निजी नलकूपों पर मीटर लगाने का विरोध करते हुए किसानों के लिए व्यापक ऋण माफी योजना लागू करने, ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने तथा सूक्ष्म वित्त संस्थानों द्वारा वसूले जा रहे ऊंचे ब्याज पर नियंत्रण की मांग की। संगठन ने श्रम संहिताओं की वापसी, न्यूनतम वेतन बढ़ाने, मनरेगा में 200 दिन रोजगार और मजदूरी बढ़ाने की भी मांगये की। ज्ञापन में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, फसल बीमा योजना में सुधार, भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, आपदा प्रभावित किसानों को राहत तथा कृषि एवं श्रमिक हितों की रक्षा के लिए ठोस नीतियां बनाने की मांग की गई। भाकियू ने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो सामाजिक और आर्थिक संकट और गहरा सकता है। ज्ञापन के दौरान चंद्रप्रकाश , हरिशंकर , सुनील यादव , मोहम्मद हाजी इकबाल आदि मौजूद रहे