बदायूँ में अखिल भारतीय वैश्य महिला कुटुंब ने मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
बदायूँ। अखिल भारतीय वैश्य महिला कुटुंब के तत्वावधान में वैभव लॉन में प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में वर्ष 2025-26 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और डिजिटल युग के प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी व्यापक चर्चा की गई।समारोह में दर्श प्रकाश गुप्ता, सायशा ढींगरा, शौर्य गुप्ता, सक्षम अरोड़ा, शुभ रस्तोगी, प्रेक्षी गुप्ता, विभोर गुप्ता, यशिका गुप्ता, माल्या माहेश्वरी, काव्य गुप्ता, भव्य सक्सेना एवं नित्यांश गुप्ता सहित कई प्रतिभाशाली बच्चों को अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद बच्चों, उनकी माताओं तथा कुटुंब की एग्जीक्यूटिव सखियों ने “डिजिटल युग में शिक्षा, संस्कार और युवाओं का भविष्य” विषय पर आयोजित सेमिनार में भी भाग लिया।कार्यक्रम की संस्थापिका डॉ. प्रतिभा गुप्ता ने कहा कि आज का दिन सभी के लिए गर्व और प्रसन्नता का अवसर है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव होती है। उन्होंने डिजिटल युग पर अपने विचार रखते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाना समय की आवश्यकता है, लेकिन भारतीय संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए। तकनीक और संस्कार का संतुलन ही युवाओं के बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है।संस्था की अध्यक्ष डॉ. ममता नौगरैया ने कहा कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक बेहतर इंसान बनाने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा के साथ संस्कार न हों तो ज्ञान अधूरा रह जाता है। बच्चों को मोबाइल का उपयोग ज्ञान अर्जन और सकारात्मक कार्यों के लिए करना चाहिए, समय की बर्बादी के लिए नहीं।महामंत्री पूनम रस्तोगी ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल क्रांति का दौर है। मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जीवनशैली को पूरी तरह बदल दिया है। अब ज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक क्लिक पर दुनिया की जानकारी उपलब्ध हो जाती है।आभा गुप्ता ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने शिक्षा को आसान, सुलभ और आधुनिक बना दिया है। आज बच्चे घर बैठे ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, नई-नई स्किल सीख सकते हैं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने का काम कर रहा है।कार्यक्रम में डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी, अनीता जैन, शकुन गुप्ता, सीमा वेद आर्य, डॉ. कमला माहेश्वरी, श्रीमती मणि गुप्ता एवं डॉ. दीप्ति जोशी गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अनीता जैन ने कहा कि परिवार में बच्चों के साथ संवाद होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि पारिवारिक संवाद बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर कुसुम रस्तोगी, मधु अग्रवाल, मधुरिमा रस्तोगी, शिल्पी बंसल, नीता गुप्ता एवं नेहा शरद गुप्ता सहित अनेक महिलाओं की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर विधायक महेश चंद्र गुप्ता की पत्नी विमलेश गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व चेयरपर्सन दीपमाला गोयल उपस्थित रहीं।समारोह का उद्देश्य केवल प्रतिभाओं को सम्मानित करना नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी को आधुनिक तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कारों से जोड़ने का संदेश देना भी रहा।















































































