शराब पिलाकर की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
बरेली। थाना फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने दो दिन पूर्व हुई हत्या की घटना का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक का पर्स, जरूरी दस्तावेज और लूटी गई नकदी भी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार ग्राम मुड़िया चेतराम निवासी आकाश मिश्रा ने थाना फतेहगंज पश्चिमी में तहरीर देकर बताया था कि उनके पिता आदेश मिश्रा 14 मई को एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए चिराग पैलेस, फतेहगंज पश्चिमी गए थे, लेकिन वापस घर नहीं लौटे। परिजनों की तलाश के बाद 15 मई को उनका शव ग्राम मढ़ौली के पास नहर किनारे खड़ंजे पर मिला था। इस मामले में थाना फतेहगंज पश्चिमी पर मुकदमा दर्ज किया गया था।विवेचना के दौरान पुलिस को सोनू कश्यप और शहंशाह के नाम प्रकाश में आए, जिसके बाद मुकदमे में धारा 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर रबड़ फैक्ट्री कॉलोनी स्थित खंडहर पड़े मकानों के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में सोनू कश्यप पुत्र बनवारी लाल निवासी ग्राम बल्लिया फरीदापुर रामचरन थाना फतेहगंज पश्चिमी हाल निवासी हाईडिल कॉलोनी मीरगंज तथा शहंशाह पुत्र शराफत खान निवासी ग्राम नगरिया सादात थाना मीरगंज शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे शराब पीने के आदी हैं। 15 मई की सुबह दोनों मीरगंज अंडरपास पर मिले और गांव जाने के दौरान रास्ते में आदेश मिश्रा से मुलाकात हुई। आदेश मिश्रा शराब के नशे में थे और उनके माथे पर चोट लगी हुई थी। तीनों पहले एक डॉक्टर के पास गए, जहां उनकी पट्टी कराई गई। इसके बाद शराब पीने के लिए मढ़ौली पहुंचे।
आरोपियों ने बताया कि जब आदेश मिश्रा ने शराब खरीदने के लिए रुपये निकाले तो उन्होंने पर्स में रखी नकदी देख ली और रुपये हड़पने की योजना बना ली। तीनों ने साथ बैठकर शराब पी, जिसके बाद आरोपियों ने आदेश मिश्रा को अधिक शराब पिलाई। अत्यधिक नशे की हालत में दोनों ने मिलकर उनका गला दबाकर हत्या कर दी और पर्स व नकदी लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक का पर्स, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज और कुल 2670 रुपये बरामद किए हैं।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष प्रयागराज सिंह, उपनिरीक्षक अशोक कुमार, हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार, हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, कांस्टेबल सुहैब और कांस्टेबल सचिन मलिक शामिल रहे।















































































