वक्फ संपत्ति पर अवैध निर्माण का आरोप, दरगाह आला हजरत से जुड़े लोगों ने डीएम से की कार्रवाई की मांग
बरेली। वक्फ संख्या 465 की संपत्ति पर अवैध निर्माण और कब्जे के आरोप को लेकर दरगाह आला हजरत से जुड़े लोगों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नगर निगम की आड़ में कुछ लोग वक्फ संपत्ति पर अवैध रूप से दुकानें बनाने का प्रयास कर रहे हैं।बरेली में वक्फ संपत्ति को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। दरगाह आला हजरत से जुड़े साहेब अली खान और अन्य लोगों ने जिलाधिकारी बरेली को शिकायत पत्र देकर वक्फ संख्या 465 की संपत्ति कस्तूरबा नगर निगम बालिका इण्टर कालेज पर हो रहे कथित अवैध निर्माण और कब्जे को रोकने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि यह संपत्ति 20 नवंबर 1973 को आला हजरत इमाम अहमद रजा खान फाजिले बरेलवी के छोटे बेटे हजरत मुस्तफा रजा खान उर्फ मुफ्ती-ए-आज़म हिंद ने खरीदी थी, जिसे बाद में मदरसा रजवी दारूल उलूम मजहरे इस्लाम के नाम उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज कराया गया।शिकायतकर्ताओं के अनुसार इस संपत्ति पर नगर निगम बरेली बहैसियत किरायेदार के रूप में कई वर्षों से कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज संचालित कर रहा है। आरोप है कि अब इस जमीन की बाउंड्री तोड़कर लगातार अवैध निर्माण और कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ लोग नगर निगम की आड़ लेकर वहां दुकानें बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
दरगाह आला हजरत से जुड़े साहेब अली खान ने बताया कि इस मामले की शिकायत लेकर वे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे, हालांकि जिलाधिकारी बैठक में व्यस्त होने के कारण उनकी मुलाकात सिटी मजिस्ट्रेट से हुई। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वक्फ संपत्ति पर कब्जे और अवैध निर्माण में शामिल लोगों की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि फिलहाल कब्जा करने वाले लोगों के नाम की जानकारी नहीं है, लेकिन जानकारी मिलने पर प्रशासन को नाम सौंपे जाएंगे। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से अवैध निर्माण तत्काल रुकवाने और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग की है।















































































