बरेली। एडवोकेट बार एसोसिएशन, जनपद बरेली का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अध्यक्ष अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से मिला और विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में सचिव गौरव सिंह राठौड़ एवं संस्थापक सदस्य अंगन सिंह अंगद भी शामिल रहे।अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को अवगत कराया कि कई न्यायिक अधिकारी लंच के बाद लंबित विधिक कार्य अपने चैंबर में ही निपटाते हैं, जिससे अधिवक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस व्यवस्था में सुधार की मांग की गई।इसके अलावा न्यायालय परिसरों में अधिवक्ताओं के लिए कम से कम पांच कुर्सियां निर्धारित करने की मांग उठाई गई, जिन पर केवल अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था हो। जमानतनामों के लिए समय निर्धारित करने की भी मांग की गई, ताकि वादकारियों को अनावश्यक देरी और असुविधा न हो।प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे कोर्ट में जमानत धनराशि से जुड़ी समस्या को भी उठाया और प्रोविजनल जमानती स्वीकृति की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया।अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। सचिव गौरव सिंह राठौड़ ने कहा कि बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं के हित में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, संस्थापक सदस्य अंगन सिंह अंगद ने कहा कि संगठन हमेशा प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं के कल्याण और उनके हितों के लिए समर्पित रहेगा। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेर सिंह गंगवार, संस्थापक सदस्य संजय वर्मा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अचल सक्सेना, ने प्रतिनिधि मंडल की मुख्य भूमिका निभाते हुए कानूनी पहलुओं पर विचार विमर्श किया।