जारी है हजयात्रियों की फ्लाइट्स का सिलसिला

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बरेली। बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी ख़ाँ वारसी ने बताया कि हजयात्रियों की फ्लाइट मदीने शरीफ़ जाने का सिलसिला जारी है।सफ़र ए हज के लिये 21 अप्रैल की फ्लाइट से 35 हजयात्री मदीने शरीफ पहुँच गये है आज भी हजयात्री बरेली से दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए,22 अप्रैल की फ्लाइट से मदीना शरीफ़ के लिये उड़ान भरेंगे। जिसमें 16 हजयात्री नवाबगंज के एम. नासिर,निजामुद्दीन,रईसबानो,परवीन,शराफत हुसैन,अखलाक अहमद,शराफत खान,बरेली के एम. सलीम,शाहीन जमाल बहेड़ी के बजहुल कमर,शाहजहाँ,मो. उमर,आमना बेगम,रिछा के रियाजुल हसन,हमीदान,सालिहा बी शामिल है,नम आँखों से अज़ीज़दारो ने फूलों के हार पहनाकर इस्तकबाल किया। 23 अप्रैल को बरेली के 8 हजयात्रियों की फ्लाइट उड़ान भरेगी।बरेली हज सेवा समिति भी हजयात्रियों का हज की मुबारकबाद दे रही है। पम्मी ख़ाँ वारसी ने कहा कि यह वो मुबारक़ सफर है जिसे हर मोमिन करने की ख्वाहिश रखता है। हजयात्रियों से दुआ की दरख्वास्त की गई है के हमारे मुल्क और आवाम की क़ामयाबी, सलामती,खुशहाली, तरक़्क़ी, अमन भाईचारे की दुआ के साथ हम सबके लिये भी हज का फ़र्ज़ अदा करने की दुआ करना।
हज इस्लाम की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है। यह हर साल ज़िल हिज्जा के महीने में मक्का के अराफात के मैदान में होता है और पांच दिनों तक चलता है। यह यात्रा मुसलमानों के लिए आस्था, सब्र और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है। इस्लाम धर्म में हज सबसे पवित्र यात्रा हैं। हर साल दुनियाभर से लाखों मुसलमान सऊदी अरब के मक्का शहर में हज करने पहुंचते हैं।हज इस्लाम के पांच पिलर्स में से एक है और हर साहिबे निसाब मुसलमान के लिए अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार इस फ़र्ज़ को अदा करना जरूरी माना गया है। अगर वह आर्थिक और शारीरिक रूप से सक्षम हो। इस यात्रा के दौरान कई खास अरकान अदा किये जाते है।जो मुसलमानों को धार्मिक रूप से मजबूत बनाने और अल्लाह के करीब आने का मौका देती हैं। हज हर साल इस्लामी कैलेंडर के बारहवें महीने ज़िल हिज्जा में होता है। यह आमतौर पर हिज्जा की 8 तारीख से 12 तारीख तक चलता है। इस्लामी कैलेंडर चांद के हिसाब से चलता है इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक हज की तारीख हर साल करीब 11-12 दिन पहले आ जाती है।इस साल 2026 में हज 25 मई से 29 मई के बीच हो सकती है,चाँद की तारीख 9 ज़िल हिज्जा को अराफ़ात के मैदान पर हज का फ़र्ज़ अदा होगा। हज अराफ़ात के मैदान पर 26 मई को हज होना है जो चांद दिखने पर तय होगा।
बरेली हज सेवा समिति के पम्मी ख़ाँ वारसी ने बताया कि हज यात्रियों को बरेली हज सेवा समिति द्वारा ट्रेनिंग दे दी गई है। ज़रूरी बातों और बारीकियों को बताया गया है। हाजियो ने अपने अपने घरों पर जाने से पहले मिलन दावते कर रहे हैं और लोगों से मिलनकर अपने गिलेशिकबे दूर कर रहे है।हजयात्रियों के अज़ीज़दारो ने भी सफर ए मुबारक़ की दुआएं कर रहे है। बरेली से इस बार 695 आज़मीन हजयात्रा पर जा रहे है वही हिंदुस्तान भर से 1,75,000 आज़मीन हज में शामिल होंगे। हजयात्रियों की फ्लाइट्स हर रोज़ मदीने शरीफ़ पहुँच रही है।मदीने शरीफ़ पहुँचने पर बरेली से दिल्ली और मदीने शरीफ़ में भी आज़मीन ए हज का इस्तक़बाल किया जा रहा है।बाराबंकी के देवा शरीफ़ और लखनऊ से जाने वाले हजयात्रियों के इस्तक़बाल के लिये बरेली हज सेवा समिति के मंडलाध्यक्ष अहमद उल्लाह वारसी दरगाह वारिस पाक पर आज़मीन ए हज का इस्तक़बाल करेंगे।

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