कश्यप युवा वाहिनी ने महर्षि कश्यप की जयंती बडे धूमधाम से मनाई
बदायूँ। कश्यप युवा वाहिनी के तत्वाधान मे सृष्टि रचियता महर्षि कश्यप की जयंती दुर्गा मंदिर निकट पुरानी चुंगी पर बडे धूमधाम से बनाई गई। साथ ही एक सभा कर समाज को एकजुट होकर राजनैतिक हिस्सेदारी के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वाहिनी के अध्यक्ष पुनीत कुमार कश्यप एडवोकेट ने की एवं संचालन महासचिव नौरगी लाल कश्यप ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये वाहिनी के अध्यक्ष पुनीत कुमार कश्यप ने कहा कि महर्षि कश्यप जी का जीवन हमें संयम, साधना और सेवा का मार्ग दिखाता है। आज के इस तेज़ी से बदलते युग में उनके आदर्श हमें एकता, नैतिकता और सच्चे कर्म की ओर प्रेरित करते हैं। यह जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपने संस्कारों और संस्कृति से जुड़ने का एक अवसर है। कश्यप ऋषि कश्यप को वैदिक इतिहास के महानतम ऋषियों में गिना जाता है। वे वेदों में पूजे जाने वाले सात ज्ञानी ऋषियों के पौराणिक सप्तऋषि परिवार के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं। आयुर्वेद पर उनका विशेष ध्यान कौमारभृत्य (बाल रोग) पर केंद्रित था और इसे स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।वाहिनी के महासचिव नौरंगीलाल कश्यप ने कहा कि महर्षि कश्यप वैदिक इतिहास के महानतम ऋषियों में से एक हैं, जिन्हें सप्तऋषियों में गिना जाता है। वे ब्रह्मा के पौत्र और मरीचि के पुत्र थे। पौराणिक कथाओं में उन्हें देवताओं, असुरों, नागों और समस्त मानवजाति का पिता माना गया है। उन्होंने कश्मीर झील का पानी सुखाकर उस स्थान का निर्माण किया था, जिसे कश्यप मीर (कश्मीर) कहा जाता है।उपाध्यक्ष वीरेश कश्यप ने कहा कि महर्षि कश्यप जयंती का यह पावन अवसर हमें हमारी महान संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है।यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व, सम्मान और एकता का प्रतीक है
इसके अलावा एडवोकेट सुधीर कुमार कश्यप, व मोहन लाल कश्यप आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर मुकेश कश्यप, सौरभ कश्यप, अंकित कश्यप, पवन कश्यप शिवम कश्यप, मैकू लाल कश्यप, अभिषेक कश्यप, प्रदीप कश्यप, हिमांशु कश्यप लोकेशे, टिकू कश्यप, अमन कश्यप, राम संजीजन कश्यप, जुगेन्द्र कश्यप, आदि समाज के युवा मौजूद रहे।














































































