साध्वी पर अभद्र टिप्पणी से बवाल, चीफ प्रॉक्टर पर भड़के छात्र, हटाने की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी
बरेली। बरेली कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर आलोक खरे द्वारा सोशल मीडिया पर एक महिला साध्वी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के बाद कॉलेज परिसर का माहौल गरमा गया है। नवरात्र जैसे पावन पर्व के दौरान सामने आए इस मामले ने छात्र-छात्राओं और संगठनों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
छात्रों का आरोप है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा इस तरह की टिप्पणी न केवल नारी सम्मान को ठेस पहुंचाती है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति भी असंवेदनशीलता दर्शाती है। मामले को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
प्रदेश मंत्री आनंद कठेरिया ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति पर कॉलेज में अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वही इस तरह की मानसिकता का परिचय दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे छात्रों में गलत संदेश जा रहा है और कॉलेज की साख पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित अधिकारी पहले भी सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणियां करते रहे हैं और कॉलेज परिसर में अपने कर्तव्यों के दौरान अक्सर मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं, जिससे अनुशासन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
छात्र संगठन ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें चीफ प्रॉक्टर आलोक खरे को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने, पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, उनके पूर्व सोशल मीडिया आचरण की समीक्षा करने और कॉलेज में एक योग्य एवं मर्यादित अधिकारी की नियुक्ति शामिल है।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे कॉलेज परिसर में उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और घेराव करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन के दौरान आनंद कठेरिया, विकास गोला, रवि प्रताप सिंह, विपिन शर्मा, कुनाल शर्मा, पुष्पेंद्र कठेरिया, आदित्य यादव, दीपांशु चौधरी, हिमांशी, काव्या गंगवार, रोशनी ठाकुर समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।














































































