बरेली। प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक गौशाला में “भूसा बैंक” स्थापित करने, पशुओं के संरक्षण को बेहतर बनाने और गोचर भूमि को कब्जा मुक्त कर हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में मंत्री ने निर्देशित किया कि उपायुक्त उद्योग के माध्यम से उद्यमियों का सहयोग लेकर भूसा दान की व्यवस्था कराई जाए, ताकि गौशालाओं में चारे की कमी न हो। साथ ही जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए कि गोचर भूमि का चिन्हांकन कर उसे अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और वहां हरा चारा उगाने की ठोस कार्यवाही की जाए। पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भीषण गर्मी और लू से गौवंशों के बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। साथ ही नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने और संचारी रोगों से बचाव हेतु प्रभावी कदम उठाने को कहा गया। मच्छरों से बचाव के लिए डी.डी.टी. का छिड़काव कराने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री धर्मपाल सिंह ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गेहूं क्रय केंद्रों को पूरी तरह संचालित रखने पर जोर दिया। इस पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि मोबाइल क्रय केंद्रों की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे किसानों के खेतों तक पहुंचकर गेहूं खरीदा जा सके। इसके अलावा कृषि कार्यों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति, खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, पुलिस अधीक्षक नगर मानुष परिक, उपनिदेशक पशुपालन सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।