कूड़ा कूड़े दानी में, सोयें मछरदानी में : मुख्य चिकित्सा अधिकारी
बरेली। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान का शुभारम्भ बुधवार को विधायक कैंट संजीव अग्रवाल के प्रतिनिधि ने किया । इसके साथ ही उन्होंने जागरूकता रैली और फॉगिंग मशीन व प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा 14 वर्षीय पाँच किशोरियो को एचपीवी टीकाकरण करा कर प्रमाण पत्र प्रदान किया ।
नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिविल लाइन्स में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि संचारी रोगों पर नियत्रंण सरकार की प्राथमिकता है। संचारी रोगों के खात्मे के लिए जनभागीदारी बहुत जरूरी है। यदि लोग जागरूक हों और मच्छररोधी परिस्थितियां उत्पन्न न करें तो डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को पनपने से रोका जा सकता है।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.विश्राम सिंह ने बताया कि एक से 30 अप्रैल तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलेगा । इसके तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बुखार, इंफ़्लुएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई), फाइलेरिया, काला जार, कुष्ठ रोग के लक्षण वाले व्यक्तियों और कुपोषित बच्चों का नाम, पता, मोबाइल नंबर सहित सम्पूर्ण विवरण ई–कवच पोर्टल पर अपलोड करेंगी। इसके साथ ही क्षेत्रवार घरों की सूची जहां मच्छरों का प्रजनन पाया गया है, इसका विवरण निर्धारित प्रपत्र पर भरकर संबंधित अधिकारी को उपलब्ध कराएंगी। स्वास्थ्य कार्यकर्ता माइक्रोप्लान के अनुसार कार्यक्षेत्र में आने वाले परिवारों के सभी सदस्यों का आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट (आभा) सृजन भी अवश्य रूप से करेंगे और वह परिवार को आभा नंबर की उपयोगिता से अवगत कराएंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग नोडल है अन्य 12 विभाग इसमें सहयोग कर रहे हैं | अभियान के प्रारम्भ होने के उपरान्त इस बात का ध्यान रखा जाए कि माइको प्लानिंग फॉर्मेट में तिथिवार एवं क्षेत्रवार जिस प्रकार गतिविधियां अंकित की गई हैं वह उसी प्रकार तिथिवार एवं क्षेत्रवार संपादित की जाए, जिससे सभी गतिविधियों की सुचारू रूप से मॉनिटरिंग सम्भव हो सके । उन्होंने लोगों से अपील की कि अभियान में सहयोग करें और स्लोगन ” कूड़ा कूड़ेदानी में , सोएं मच्छरदानी में” को अमल में लाएं
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि अभियान के तहत हीट वेव से बचाव व प्रबंधन के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा व अन्य गतिविधियाँ की जाएंगी। अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए गतिविधियाँ प्राथमिकता के आधार पर किया जाना आवश्यक है जैसे – भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जनमानस हेतु शीतल एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था गर्मी से बचाव के लिए शेल्टर्स की व्यवस्था, व्यस्त स्थानों पर मौसम के पूर्वानुमान तथा तापमान का डिस्प्ले, हीट वेव से बचाव के लिए विद्यालयों और समुदाय में व्यापक प्रचार-प्रसार, जैसे रोज़ाना पर्याप्त मात्र में पानी पियें , बिना कुछ खाये घर से बाहर ना निकले। हल्के और ढीले कपड़े पहने , दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राकेश कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के द्वारा भी विद्यालयों में छात्रों एवं अभिभावकों को मच्छरों से बचाव के विषय में तथा बुखार से प्रभावित होने की स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किए जाने के विषय में निरंतर संवेदीकरण किया जाएगा। अध्यापकों द्वारा अभिभावकों को इस बात के लिए प्रेरित किया जाए की यूनिफॉर्म हेतु उपलब्ध कराई गई धनराशि से पूरी बांह की कमीज तथा फुल पैण्ट ही यूनिफॉर्म के रूप में छात्रों को उपलब्ध कराएं
जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि मलेरिया निरीक्षक द्वारा क्षेत्रवार योजना बनाते हुए उक्त चिन्हित किए गए हाई रिस्क क्षेत्रों में वेक्टर घनत्व का आकलन किया जाएगा । इसके साथ ही वेक्टर घनत्व के विभिन्न सूचकांकों जैसे हाउस इंडेक्स, ब्रेटयू इंडेक्स, कंटेनर इंडेक्स इत्यादि का आंकलन किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में यह सूचकांक सामान्य से अधिक होगा अथवा मच्छरों का सामान्य से अधिक प्रजनन सूचित होगा, ऐसे क्षेत्रों की सूची अंतर्विभागीय सहयोग से मच्छर नियंत्रण गतिविधियाँ संपादित करने हेतु नगर विकास, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षा इत्यादि सभी संबंधित विभागों को उपलब्ध कराई जाएंगी। संबंधित विभागों के जनपद एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उपलब्ध कराई गई अधिक मच्छर घनत्व वाले क्षेत्रों की सूची में अंकित स्थानों पर समुचित वेक्टर नियंत्रण गतिविधियाँ संपादित की गई हैं।
इस अवसर पर नोडल एनयूएचएम डॉ अजमेर सिंह, प्रभारी अधिकारी नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डॉ अमनदीप कौर , एसएमओ डबल्यूएचओ डॉ पी वी कौशिक, सहायक मलेरिया अधिकारी, सभी मलेरिया निरीक्षक, आशा, एएनएम एवं अन्य सहभागी विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे ।














































































