बदायूं पहुँचे जगद्गुरु स्वामी वैंकटेश प्रपन्नाचार्य व स्वामी राघवेन्द्राचार्य, धर्म-संस्कृति व आयुर्वेद पर संवाद
बदायूं। शहर में आध्यात्मिक चेतना का विशेष संचार देखने को मिला, जब रामानुज संप्रदाय की परंपरा के प्रतिष्ठित धर्माचार्य जगद्गुरु स्वामी वैंकटेश प्रपन्नाचार्य महाराज* — जो गया धाम, पुष्कर धाम एवं नैमिषारण्य धाम के पीठाधीश्वर हैं — अपने संक्षिप्त प्रवास पर बदायूं पधारे,
उनके साथ स्वामी राघवेन्द्राचार्य , जो गया विहार स्थित आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के सचिव (सेक्रेटरी) हैं, भी उपस्थित रहे,
स्वामीद्वय का यह प्रवास निजी निमंत्रण एवं स्थानीय धर्मप्रेमियों के आग्रह पर तय हुआ था।
सीमित समय के बावजूद, नगर के प्रमुख मंदिर परिसर/धर्मस्थल पर उनका स्वागत किया गया, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार, शंख-ध्वनि और पुष्प-वर्षा के साथ श्रद्धालुओं ने अभिनंदन किया।
स्थानीय पुजारियों, धर्माचार्यों एवं आयुर्वेद प्रेमियों ने अंगवस्त्र व तुलसी-माला भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्म-संस्कृति व आयुर्वेद पर संक्षिप्त उद्बोधन
जगद्गुरु प्रपन्नाचार्य ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि तीर्थ-धाम केवल भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि जीवंत चेतना के केंद्र हैं। गया धाम (पितृ-ऋण मुक्ति का प्रतीक), पुष्कर धाम (सृजन व पवित्रता का संगम) और नैमिषारण्य (ज्ञान-यज्ञ की भूमि) — इन तीनों पीठों की परम्परा यह सिखाती है कि सेवा, स्वाध्याय और संयम ही समाज को जोड़ते हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे सनातन मूल्यों को आधुनिक जीवन के साथ जोड़ें।
स्वामी राघवेन्द्राचार्य जी ने आयुर्वेद के व्यावहारिक पक्ष पर बल देते हुए कहा कि गया विहार स्थित आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज शिक्षा, चिकित्सा और अनुसंधान के माध्यम से जन-स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय वैद्य-समुदाय व विद्यार्थियों को परस्पर सहयोग एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जोड़ने की बात कही।
श्रद्धालुओं की सहभागिता
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सीमित समय के कारण बड़े सार्वजनिक आयोजन के स्थान पर छोटी, आत्मीय बैठक रखी गई, जिसमें दोनों संतों ने उपस्थित लोगों से व्यक्तिगत भेंट कर आशीर्वचन प्रदान किए। आयोजकों ने बताया कि स्वामीद्वय का प्रवास अत्यंत संक्षिप्त था, परन्तु उनके दर्शन व आशीर्वाद से नगर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।














































































