बढ़ती लागत और कच्चे माल की कमी से बरेली में उद्योग उत्पादन प्रभावित
बरेली। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच बढ़ती ऊर्जा लागत पर आई. आई. ए. बरेली चैप्टर की मंथन बैठक में उद्योगों में कच्चे माल एवं ईंधन की आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं, बढ़ती ऊर्जा लागत के उद्योगों पर पड़ रहे प्रभावों पर विचार- विमर्श किया गया। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आई. आई. ए.) की पाम बिस्ट्रो रेस्टोरेंट, में चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उद्यमियों ने बताया
बैठक में वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कच्चे माल एवं ईंधन की आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं तथा बढ़ती ऊर्जा लागत के कारण प्लाईवुड उद्योग में प्रयुक्त केमिकल (मेथनॉल/फॉर्मेल्डिहाइड) की कीमतों में 2-3 गुना तक वृद्धि एवं उनकी उपलब्धता में कमी,
ईंट भट्ठों हेतु कोयले की कीमतों में भारी वृद्धि एवं आपूर्ति में बाधा, बेकरी, नमकीन एवं गत्ता उद्योगों में एलपीजी गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण कई इकाइयों का बंद होना तथा शेष इकाइयों का मात्र लगभग 60% क्षमता पर संचालन,
प्लास्टिक एवं पन्नी की सीमित उपलब्धता के कारण कीमतों में लगभग 50% तक वृद्धि, प्लास्टिक उद्योग हेतु कच्चे दानों की कमी, जिससे भविष्य में और अधिक इकाइयों के प्रभावित होने की आशंका बन गई है।
आई. आई. ए. बरेली चैप्टर ने इस स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया। संस्था ने मांग की कि जनपद में कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु सख्त कार्रवाई की जाए।
उद्योगों को राहत प्रदान करने हेतु ब्याज अनुदान जैसे उपाय लागू किए जाएं। संबंधित विभागों एवं गैस आपूर्ति एजेंसियों को निर्देशित कर उद्योगों एवं आवश्यक सेवाओं हेतु एलपीजी गैस की निर्बाध एवं प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।
बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि एलपीजी गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उद्योगों के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल एवं अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जो जनहित के दृष्टिकोण से अत्यंत चिंताजनक है। यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो उद्योगों के समक्ष उत्पादन बंद करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचेगा, जिससे जनपद की अर्थव्यवस्था एवं रोजगार पर व्यापक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने सामूहिक रूप से इस विषय को गंभीरता से उठाने तथा समाधान हेतु प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने का निर्णय लिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आशीष गुप्ता, नीरज गोयल, राकेश धीरवानी, धनंजय विक्रम सिंह, अशोक मित्तल, सलिल बंसल, ध्रुव खानिजों, राजीव आनंद, सनी मेहरोत्रा, सुनीत मूना, अंशुल जैन, शिवांग गोयल, नीरज अरोरा सहित लगभग 30 उद्यमियों ने सहभागिता की। निर्भय सक्सेना














































































