सोमनाथ स्वाभिमान पर्व स्मरणोत्सव में होगा कार्यक्रम व यात्रा का आयोजन
बदायूँ । उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में जनपद में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि यह पर्व भारत की आस्था, संस्कृति एवं आत्मगौरव का प्रतीक है तथा इसका उद्देश्य सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर पर 1026 सीई में हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष तथा मंदिर के पुनरुद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ स्वामीमान पर्व का आयोजन जनवरी 2026 में मा0 प्रधानमंत्री जी गरिमामयी उपस्थिति में कराया गया था, जिसके स्मरणोत्सव मुख्यतः दो स्तम्भों कार्यक्रम आयोजन व यात्रा के माध्यम से कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद, तहसील एवं विकास खंड स्तर पर स्थित शिवालयों एवं मंदिरों में भजन-कीर्तन, महाआरती, प्रवचन, दीपोत्सव, स्वच्छता अभियान तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक जनसहभागिता हो सके। समस्त कार्यक्रमों की संभावित तिथि 19 अप्रैल, 2026 निर्धारित की गई है, जिसके पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं।
निर्देशों के अनुसार प्रदेश स्तर पर मुख्य आयोजन 11 मई 2026 को काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी में आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं, शिक्षाविदों एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर शैक्षिक संस्थानों में भी संगोष्ठी, भाषण, चित्रकला, निबंध एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
इसके अतिरिक्त सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का आयोजन भी किया जाएगा, जिसके अंतर्गत चयनित तीर्थयात्रियों को सोमनाथ, गुजरात की यात्रा कराई जाएगी। यात्रा का कार्यक्रम 18 अप्रैल से 24 अप्रैल, 2026 तक प्रस्तावित है। यात्रा में प्रत्येक जनपद के तीर्थ यात्रियों अधिकतम 10 व्यक्ति का चयन जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति के माध्यम से होगा। इसके लिए उप जिलाधिकारी/जिला स्तरीय अधिकारी को नामित भी किया जाएगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सोमनाथ मंदिर दर्शन, संग्रहालय भ्रमण, भजन संध्या, आरती एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि उक्त कार्यक्रमों का आयोजन पूर्ण गरिमा, भव्यता एवं जनसहभागिता के साथ किया जाए तथा कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।














































































