दातागंज के पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव परिसर में विशाल हिंदू सम्मेलन में सनातनियों ने हुंकार भरी
दातागंज। महाशिवरात्रि पर तहसील के ग्राम सराय स्थित पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव मंदिर परिसर रविवार को भक्ति, आस्था और उत्साह का विशाल केंद्र बन गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में हजारों सनातनियों ने एकजुट होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे क्षेत्र में “हर हर महादेव” और “बम बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और ऊर्जावान बना रहा। सुबह से उमड़ने लगी श्रद्धालुओं की भीड़ कार्यक्रम की शुरुआत सुबह से ही हो गई थी। आसपास के गांवों और कस्बों से ट्रैक्टर-ट्रालियों, चारपहिया और दोपहिया वाहनों से श्रद्धालु “हर हर महादेव” के जयकारों के साथ मंदिर परिसर पहुंचने लगे। दोपहर एक बजे तक पूरा प्रांगण हजारों सनातनियों की भीड़ से भर गया। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। महाशिवरात्रि के कारण श्रद्धालुओं का उत्साह और भी अधिक देखने को मिला। मंदिर परिसर में शिवभक्तों ने जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि इस तरह के आयोजन समाज में एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच पर मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 मधुसूदन आचार्य, महामंडलेश्वर संजीव गौड़, कथा व्यास पंडित मुमुक्षु कृष्ण महाराज, संघ के विभाग प्रचारक सुधांशु, विश्व हिंदू परिषद की प्रांत संयोजिका साधना सिंह, हिंदू जागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण भारद्वाज, दिव्यानंद योगीराज केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल और रामदरशी महाराज मौजूद रहे। सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। दीप प्रज्वलन के बाद मंच से हिंदू समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं पर विस्तृत विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि महाशिवरात्रि का पर्व आत्मशक्ति, संयम और धर्म की रक्षा का संदेश देता है।
महामंडलेश्वर संजीव गौड़ ने अपने संबोधन में कहा,की आज का यह विशाल जनसमूह इस बात का प्रमाण है कि हिंदू समाज जाग चुका है। अब समय आ गया है कि हम अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ें। जिस तरह हजारों लोग यहां एकत्र हुए हैं, यह क्षेत्र में एक नई चेतना और क्रांति की शुरुआत है।”
उन्होंने आगे कहा कि धर्म और संस्कृति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह समाज को जोड़ने और मजबूत बनाने का माध्यम हैं।
“मुख्य वक्ता संघ के विभाग प्रचारक सुधांशु ने कहा कि
“हिंदू समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता और संस्कार हैं। यदि हम संगठित होकर कार्य करें, तो समाज और राष्ट्र दोनों का भविष्य उज्ज्वल होगा। आज का यह सम्मेलन आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का संदेश देता है।”
उन्होंने युवाओं से समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता, वरिष्ठ नेता डॉ. शैलेश पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम संयोजक राकेश वर्मा और सहसंयोजक कालीचरण दिवाकर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को अपनी संस्कृति पर गर्व करने के लिए प्रेरित करते हैं।
हिंदू सम्मेलन के बाद भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुरादाबाद से आई प्रसिद्ध गायिका शिल्पी कौशिक और बुलंदशहर से आए डीके राजा ने एक से बढ़कर एक शिव भजन प्रस्तुत किए। “बम बम भोले” और “हर हर महादेव” के जयकारों के बीच श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन रहे। भजन संध्या के दौरान मंदिर परिसर में ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया हो। श्रद्धालु भजनों पर झूमते और तालियां बजाते नजर आए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने देशभक्ति और धार्मिक विषयों पर आधारित नृत्य और गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साह बढ़ाया। सामाजिक समरसता का संदेश वक्ताओं ने अपने संबोधन में सामाजिक समरसता और एकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना ही सनातन परंपरा की पहचान है। इस तरह के आयोजनों से समाज में आपसी सहयोग और भाईचारा मजबूत होता है।
कार्यक्रम की सफलता में अनेक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर ब्रजेश कश्यप, धर्मेंद्र गुप्ता, विनोद अग्रवाल, आसित गुप्ता, मनोज सोलंकी, प्रवेश सिंह, इंद्रपाल सिंह, आकाश वर्मा और तहसील प्रचारक पवन भारत,विमल श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।आसित गुप्ता,विनोद अग्रवाल ने भी स्वागत किया है।
यह विशाल हिंदू सम्मेलन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। श्रद्धालुओं ने आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज को एक नई दिशा देने का कार्य करते हैं।
निष्कर्ष
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह हिंदू सम्मेलन आस्था, संस्कृति और एकता का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया। हजारों लोगों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि सनातन परंपरा आज भी समाज की धड़कन में जीवित है। आयोजन ने न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक संदेश दिया और क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया।













































































