बरेली। केन्द्र सरकार द्वारा पुराने 29 श्रम कानूनों के स्थान पर लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं को निरस्त करने की मांग को लेकर गुरुवार को विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के संयोजक राजेंद्र घिल्डियाल, किसान एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर और सतीश मेहता ,राजीव शांत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। नेताओं ने कहा कि वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य शर्त संहिता 2020 श्रमिक हितों के विरुद्ध हैं। आरोप लगाया कि नई संहिताओं से छंटनी की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 कर दी गई है, जिससे मजदूरों की नौकरी असुरक्षित हो जाएगी। संगठनों ने मनरेगा में 200 दिन काम, 700 रुपये मजदूरी, एमएसपी को कानूनी दर्जा, निजीकरण पर रोक तथा विभिन्न श्रमिक वर्गों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की भी मांग की।