बिसौली के एसडीबी पब्लिक स्कूल में मातृ-पितृ दिवस भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया
बिसौली। एसडीबी पब्लिक स्कूल में आज एक अत्यंत भावनात्मक और संस्कारमय पहल करते हुए श्री योग वेदांत सेवा समिति उझानी के तत्वावधान में मातृ-पितृ दिवस बड़े ही श्रद्धा, सम्मान और भव्यता के साथ मनाया गया।इस पावन अवसर पर समिति के प्रमुख सदस्य राजेश आहूजा, गीता बब्बर, रीना यादव एवं आश्रम संचालक चुन्नी लाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।

विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी यशपाल सिंह परमार के सहयोग से कार्यक्रम की उत्कृष्टता देखते ही बन रही थी। संपूर्ण वातावरण भारतीय संस्कृति, संस्कार और भावनाओं से ओत-प्रोत था।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक अखिलेश वार्ष्णेय ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों को मातृ-पितृ दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए समिति के सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए आगामी वर्ष इसे और भी विशाल एवं भव्य स्तर पर आयोजित करने का संकल्प दोहराया।
कक्षा 2 से 5 तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अत्यंत विधि-विधान से अपने माता-पिता का पूजन किया। बच्चों ने तिलक लगाकर पुष्पांजलि अर्पित की, दीप प्रज्वलित कर आरती उतारी, मिठाई खिलाई तथा माता-पिता की परिक्रमा कर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही जीवनभर आज्ञाकारी एवं संस्कारी बने रहने का संकल्प लिया।
माता-पिता भी इस स्नेहिल दृश्य से भाव-विभोर हो उठे। उन्होंने अपने बच्चों को हृदय से लगाया, गोद में बिठाया, स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया और मिठाई खिलाई। पूरा ऑडिटोरियम भावनाओं के सागर में डूब गया। संचालक, शिक्षिकाएँ, बच्चे और अभिभावक—सभी की आँखें नम थीं। हर हृदय में प्रेम, कृतज्ञता और संस्कारों का स्पंदन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। वास्तव में हृदय परिवर्तन का इससे उत्तम अवसर और कोई हो ही नहीं सकता। कार्यक्रम में उपप्रधानाचार्या शारदा बावेजा, समन्वयक श्वेता शर्मा, कक्षा अध्यापिकाएँ पूजा सिंह, गायत्री मिश्रा, प्रिया सिंह, अनमोल सिंह सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में निदेशक अखिलेश वार्ष्णेय ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बच्चों को आशीर्वाद दिया और उन्हें अपने संस्कारों एवं सभ्यता के अनुरूप आचरण करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को सदैव सही मार्ग पर चलने, उच्च चरित्र निर्माण करने तथा माता-पिता, गुरुजनों एवं सभी बड़ों के आदर्शों का अनुसरण करने का संदेश दिया।
अंततः अत्यंत हर्ष, उल्लास एवं भावुक क्षणों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। सभी अभिभावकों एवं अतिथियों को स्नेहपूर्वक जलपान कराकर विदा किया गया। यह आयोजन विद्यालय परिवार के लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा।













































































