फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप, इल्मा सकलेनी ने निष्पक्ष जांच की मांग की
बरेली। अनीस सकलेनी की पुत्री इल्मा सकलेनी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर समाजवादी पार्टी से पूर्व पार्षद अंजुम फिरदौस और उनके भाई आफताब पर गंभीर आरोप लगाए। इल्मा सकलेनी ने मीडिया को बताया कि अंजुम फिरदौस द्वारा पुलिस को कथित रूप से गलत सूचना देकर उनके परिवार, राजनीतिक विरोधियों तथा हत्या के मुकदमे के गवाहों और पैरोकारी करने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2 जनवरी 2026 को थाना बारादरी में मुकदमा अपराध संख्या 11/2026 दर्ज कराया गया, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों को नामजद किया गया है, जबकि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इल्मा ने इस मुकदमे को पूरी तरह फर्जी बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। इल्मा सकलेनी का आरोप है कि अंजुम फिरदौस पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल कर उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता अनीस सकलेनी वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं, जिससे परिवार पहले ही मानसिक तनाव से गुजर रहा है और अब लगातार मुकदमे दर्ज कराकर परिवार को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जिस घटना के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उसकी सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इल्मा का दावा है कि घटना के समय नामजद कुछ लोग मौके पर मौजूद नहीं थे और एक व्यक्ति उस समय अदालत में पेशी पर था। इल्मा सकलेनी ने यह भी आरोप लगाया कि वह अपने पिता की अनुपस्थिति में वार्ड से जुड़े कार्यों को देख रही हैं, इसी कारण पूर्व पार्षद उनसे रंजिश रखता है। उन्होंने डराने-धमकाने, पीछा करने और सरकारी कार्यों में बाधा डालने के आरोप भी लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में इल्मा सकलेनी ने मांग की कि मुकदमा अपराध संख्या 1145/2025, 1146/2025 व 11/2026 की जांच थाना बारादरी से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, परिवार को सुरक्षा दी जाए तथा झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।













































































