बरेली में विकसित भारत बजट पर बोले डॉ. महेन्द्र सिंह, उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति
बरेली। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व जल शक्ति मंत्री, सदस्य विधान परिषद एवं मध्य प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने सर्किट हाउस, बरेली में प्रेस वार्ता कर केंद्रीय बजट 2026-27 को उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और विकासोन्मुखी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट प्रदेश को विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है। डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश को इन्फ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, कृषि और युवाओं के लिए विकास इंजन के रूप में विकसित करने की स्पष्ट झलक मिलती है। हाई-स्पीड रेल और रेलवे आधुनिकीकरण से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा जैसे शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स और फ्रेट कॉरिडोर पर विशेष जोर देकर उत्तर प्रदेश को लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में उद्योगों की लागत घटेगी और निवेश बढ़ेगा। डॉ. सिंह ने कहा कि ₹10,000 करोड़ के MSME विकास फंड से कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, हथकरघा, चमड़ा और खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं ₹10,000 करोड़ की बायोफार्मा शक्ति योजना से उत्तर प्रदेश फार्मा और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि बजट में पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा गया है, जिससे वहां बुनियादी ढांचे का विकास होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कृषि क्षेत्र में भारत एवं विस्तार एआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को फसल, मौसम और बाजार से जुड़ी जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। गंगा नदी पर नेशनल वाटरवे-1 के तहत वाराणसी में इनलैंड वाटरवे शिप रिपेयर इको सिस्टम स्थापित होने से रोजगार सृजन होगा। इसके साथ ही कैंसर सहित 36 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क छूट से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। वहीं 15,000 स्कूल और 500 हॉस्टल में एनीमेशन, गेमिंग और वीएफएक्स लैब स्थापित कर युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में 10,000 टूर गाइडों को प्रशिक्षण देने की योजना से काशी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक पर्यटन स्थलों पर रोजगार बढ़ेगा। इसके अलावा 200 पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के आधुनिकीकरण और शहरी आर्थिक उत्थान के विकास से लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा और वाराणसी जैसे शहर प्रदूषण और रोजगार हब के रूप में उभरेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 वास्तव में “भारत” के संकल्प को साकार करने वाला और उत्तर प्रदेश को देश के विकास का अग्रणी राज्य बनाने वाला बजट है। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से विधान परिषद सदस्य एवं मध्य प्रदेश के प्रभारी डॉक्टर महेंद्र सिंह, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना, जिला पंचायत अध्य्क्ष रश्मि पटेल, महापौर डॉ उमेश गौतम, विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ एमपी आर्य, डॉ राघवेंद्र शर्मा, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, बरेली जिला अध्य्क्ष सोमपाल शर्मा, आवला अध्य्क्ष आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्य्क्ष अधीर सक्सेना, पूर्व जिला अध्यक्ष पवन शर्मा, पूरन लाल लोधी, अंकित माहेश्वरी, बंटी ठाकुर व सभी पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।













































































