राष्ट्रपति शासन के बाद मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्री, युमनाम खेमचंद सिंह ने ली शपथ
हिंसाग्रस्त मणिपुर को लंबे राष्ट्रपति शासन के बाद नया मुख्यमंत्री मिल गया है। मैतेई समुदाय से आने वाले और मार्शल आर्ट के धुरंधर युमनाम खेमचंद सिंह ने आज राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण से पहले उन्होंने मणिपुर के राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उनके साथ भाजपा विधायक नेमचा किपगेन ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नेमचा किपगेन कुकी समुदाय से हैं और उन्होंने नई दिल्ली स्थित मणिपुर भवन से डिजिटल माध्यम से शपथ ली। इसके अलावा नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक एल डिखो ने भी उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। भाजपा के गोविंदास कोंथौजम और एनपीपी के के लोकेन सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि मणिपुर विकसित भारत 2047 में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में 36 समुदाय रहते हैं और उनकी प्राथमिकता मणिपुर में शांतिपूर्ण माहौल बहाल करना है।
मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में 62 वर्षीय खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया था। यह बैठक राष्ट्रीय राजधानी स्थित भाजपा मुख्यालय में हुई थी, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पर्यवेक्षक तरुण चुघ मौजूद रहे। बैठक करीब डेढ़ घंटे चली, जिसमें कई नामों पर विचार के बाद खेमचंद सिंह के नाम पर सहमति बनी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि मैतेई और कुकी समुदायों के बीच संतुलन साधने के लिए मुख्यमंत्री पद किसी अन्य नेता को दिया जा सकता है, लेकिन फैसले से स्पष्ट हो गया कि पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की पसंद को तवज्जो नहीं मिली। बीरेन सिंह मैतेई समुदाय के ही गोविंद दास को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जारी हिंसक संघर्ष के दौरान बीरेन सिंह पर केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों की अनदेखी के आरोप लगे थे। हालांकि उन्हें राज्यसभा भेजे जाने का आश्वासन दिया गया है।
नए मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती अगले साल मार्च में होने वाले विधानसभा चुनाव हैं। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि चुनाव से पहले राज्य में जमीनी स्तर पर शांति बहाल हो, ताकि पार्टी को राजनीतिक नुकसान न उठाना पड़े। उल्लेखनीय है कि फरवरी 2025 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू था। मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा और तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। मणिपुर विधानसभा का 12वीं विधानसभा का सातवां सत्र 6 फरवरी से शुरू होने की संभावना है।













































































