एसआरएमएस में कैंसर विजेताओं का सम्मान, बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवा शुरू
बरेली। श्रीराम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआरएमएस) में बुधवार को वर्ल्ड कैंसर डे के अवसर पर कैंसर से जंग जीत चुके मरीजों का सम्मान किया गया। इस मौके पर कैंसर विजेताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बीमारी से लड़ने का संदेश दिया और एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में मिले उपचार पर संतोष जताया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एडीजी जोन रमित शर्मा ने कैंसर विजेताओं को “महामारी के खिलाफ जिंदगी की उम्मीद” बताते हुए कहा कि ये योद्धा साबित करते हैं कि कैंसर लाइलाज नहीं है। सही समय पर इलाज और जागरूकता से इस बीमारी को हराया जा सकता है। उन्होंने एसआरएमएस में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा की शुरुआत को बड़ी उपलब्धि बताया।
एमबीबीएस और पैरामेडिकल छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ खराब जीवनशैली और असंतुलित आहार से बचने का संदेश दिया। एडीजी ने पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया।
एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति ने बताया कि वर्ष 2007 में स्थापित आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट आज क्षेत्र का प्रमुख कैंसर उपचार केंद्र बन चुका है। वर्तमान में यहां प्रति माह ढाई सौ से अधिक मरीजों का इलाज हो रहा है। उन्होंने घोषणा की कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवा शुरू होने से एसआरएमएस दिल्ली और लखनऊ के बीच यह सुविधा देने वाला एकमात्र हेल्थ सेंटर बन गया है।
आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. पियूष कुमार अग्रवाल ने बताया कि अब तक यहां 45 हजार से अधिक मरीजों को परामर्श, 11 हजार से ज्यादा रेडियोथेरेपी, 29 हजार से अधिक कीमोथेरेपी और हजारों सर्जरी व जांचें की जा चुकी हैं। उत्तराखंड और नेपाल तक से मरीज यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेनि.) डॉ. एम.एस. बुटोला सहित सभी डीन, विभागाध्यक्ष, डॉक्टर और स्टाफ मौजूद रहा। संचालन डॉ. हिमांशी खट्टर ने किया।
इनसेट खबर
एसआरएमएस में 5 से 7 फरवरी तक तीन दिवसीय कैंसर जांच शिविर
एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट में विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में 5 से 7 फरवरी तक तीन दिवसीय कैंसर परीक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान कैंसर विशेषज्ञों द्वारा लिखी गई जांचों पर 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। पंजीकरण सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा।
इन कैंसर विजेताओं का हुआ सम्मान।













































































