सात दिवसीय प्रबंधकीय विकास कार्यक्रम का हुआ भव्य शुभारंभ
शाहजहांपुर, स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग में सात दिवसीय प्रबंधकीय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी शुकदेवानंद जी के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित करके हुआ। संगीत विभाग की डॉ कविता भटनागर, काजल मिश्रा और संजीत कुमार ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। बी.कॉम की छात्रा दीया गुप्ता और कशिश रोहरा ने सभी अतिथियों का चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया। विभाग के शिक्षकों डॉ देवेंद्र सिंह, डॉ कमलेश गौतम, डॉ गौरव सक्सेना, डॉ विजय तिवारी, डॉ अजय वर्मा, डॉ संतोष सिंह , अपर्णा त्रिपाठी और डॉ सचिन खन्ना ने अतिथियों को अंगवस्त्र पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया। प्राचार्य डॉ. आर. के आजाद ने स्वागत भाषण में कहा कि युवा उद्यमियों कि शुरुआत छोटी हो सकती है, संसाधन सीमित हो सकते हैं, किन्तु उनका दृष्टिकोण बड़ा होना चाहिए। मुख्य वक्त के.एम. सी.भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीरज शुक्ला ने कहा कि आज का समय अवसरों से भरा हुआ है। तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति, डिजिटल प्लेटफॉर्म आदि हर क्षेत्र में नए दरवाजे खुल रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ लोग इन अवसरों को पहचानते हैं और आगे बढ़ते हैं, जबकि कुछ लोग इंतज़ार करते रह जाते हैं। नेता इंतज़ार नहीं करते, वे पहल करते हैं। इसी विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डा मनीष कुमार ने कहा कि जोखिम उठाने की क्षमता, नया करने की इच्छा और सकारात्मक सोच सफलता का मूल मंत्र होते हैं। विशिष्ट अतिथि सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योग मंत्रालय के आगरा क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी राजन यादव ने भारत सरकार द्वारा रोजगार व उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा उद्यमियों को संसाधनों की कमी से घबराना नहीं चाहिए।इतिहास गवाह है कि बड़े बदलाव हमेशा बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि बड़े संकल्प से होते आए हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष
डॉ. एके मिश्रा ने कहा कि युवा उद्यमी केवल अपने परिवार का नहीं, बल्कि इस देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए बड़े सपने देखिए, मेहनत कीजिए, असफलता से सीखिए और उद्यमिता के क्षेत्र में नेतृत्व कीजिए। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यशाला के संयोजक प्रो. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि कल्पना शक्ति और निरंतर परिश्रम उद्यमी की सफलता का आधर होती है। डॉ रूपक श्रीवास्तव के संचालन में हुए कार्यक्रम के अंत में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ और स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के मध्य शैक्षिक क्रियाकलापों के लिए एक एम ओ यू भी हस्ताक्षर किया गया। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम गीत से हुआ। कार्यक्रम में ब्रज लाली चौबे, डॉ मोहनी शंकर, पोथीराम सिंह, अखंड प्रताप सिंह, डॉ बालवीर, डॉ अर्चना गर्ग, डॉ विनीता राठौर, डॉ गौरव शर्मा, डॉ केशव शुक्ला, डॉ मानवेंद्र सिंह वर्मा, डॉ राजीव कुमार, डॉ राम शंकर पांडेय, डॉ सुखदेव, डॉ आशीष गोयल, डॉ विजय गुप्ता, सोमना पांडेय आदि उपस्थित रहे।













































































