बदायूँ में व्यापारियों ने जुलूस निकाल कर बिजली विभाग पर विरोध प्रदर्शन किया
बदायूं।उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आहवान पर व्यापारियों ने प्रदेश युवा अध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू एवं प्रदेश मंत्री पवन जैन के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारियों ने विद्युत विभाग कार्यालय पर जलूस की शक्ल में पहुंचकर जोरदार धरना प्रदर्शन कर विभाग से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 19 सूत्रीय मांग पत्र अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग चंद्रशेखर कुमार को उनके कार्यालय पर प्रेषित किया

प्रदेश युवा अध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने से पूर्व विभाग में जमा की गई सिक्योरिटी राशि उपभोक्ताओं को वापस कराई जाए साथ ही प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने के पश्चात फिक्स चार्ज, मिनिमम चार्ज, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी आदि समाप्त कर केवल उपभोग की गई विद्युत यूनिट के आधार पर ही बिल की गणना की जाए साथ ही प्रीपेड मीटर लगाए जाने से पूर्व मीटर की जाँच लीगल मेट्रोलॉजी विभाग द्वारा कराई जाना अनिवार्य किया जाए तथा लीगल मेट्रोलॉजी विभाग के नियमों के अनुसार प्रत्येक वर्ष मीटर की जाँच सुनिश्चित की जाए। मीटर की जाँच की जिम्मेदारी विक्रेता अर्थात विद्युत विभाग की निर्धारित की जाए प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाते समय मीटर का मैनुअल एवं गारंटी कार्ड उपभोक्ता को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए प्रदेश मंत्री पवन जैन ने कहा बिजली कटौती हेतु रोस्टर घोषित किया जाए तथा उसकी सूचना सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाए। अघोषित बिजली कटौती को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए अधिशासी अभियंता व उपखंड अधिकारी कार्यालय में प्रार्थनापत्र जमा करने पर रिसीविंग नहीं दी जाती है। निर्देशित किया जाए कि किसी भी प्रार्थनापत्र को प्राप्त करते समय अनिवार्य रूप से रिसीविंग दी जाए जिला महामंत्री संजीव आहूजा ने मांग की विद्युत आपूर्ति व बिल सुधार से संबंधित शिकायत दर्ज करते समय शिकायत पर्ची बनाई जाए, जिसकी एक प्रति उपभोक्ता को भी उपलब्ध कराई जाए मीटर लगाए जाते समय अथवा मीटर उतारते समय सीलिंग सर्टिफिकेट मौके पर नहीं दिया जाता 100 प्रतिशत मामलों में मौके पर ही सीलिंग सर्टिफिकेट दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला महामंत्री हाजी राशिद जी ने कहा कि मीटर बदले जाने के पश्चात उन्हें लैब जाँच के लिए भेजा जाता है, जिसके आधार पर उपभोक्ता पर विद्युत चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए जाते हैं सीलिंग सर्टिफिकेट न मिलने के कारण उपभोक्ता को मीटर जाँच की तिथि, समय व स्थान की जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे भ्रष्टाचार व उत्पीड़न की स्थिति उत्पन्न होती है। इस पर कठोर नियंत्रण आवश्यक है। नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि औद्योगिक उपभोक्ताओं के बिलों में पोर्टल पर दर्शाई गई राशि एवं वास्तविक बिल राशि में अंतर पाया जा रहा है, जिसका कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। निर्देश दिए जाएँ कि पोर्टल व बिल में एक ही राशि दर्शाई जाए। नगर महामंत्री संजय रस्तोगी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं तथा सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी भी दी जा रही है, परंतु नेट मीटरिंग वाले उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा की रीडिंग घटवाने के लिए विभाग के चक्कर काटने पड़ते हैं। सॉफ्टवेयर में सुधार कर बिलों को सही किया जाए तथा खपत से अधिक उत्पन्न ऊर्जा का भुगतान भी उपभोक्ता को कराया जाए। जिला उपाध्यक्ष जावेद खान ने कहा कि मीटर विभाग द्वारा चेक मीटर लगाए जाते समय सीलिंग सर्टिफिकेट उपभोक्ता को नहीं दिया जाता, जिससे चेक मीटर लंबे समय तक लगे रह जाते हैं। निर्देश दिए जाएँ कि चेक मीटर लगाते व उतारते समय सीलिंग सर्टिफिकेट मौके पर दिया जाए तथा निर्धारित समय में चेक मीटर अवश्य उतारा जाए। नगर उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा 25 से 30 वर्ष पुराने पी.डी. कनेक्शनों की आर.सी. जारी की जा रही है, जबकि अधिकांश मामलों में मीटर उतारने का सीलिंग प्रमाण पत्र एवं अस्थायी विच्छेदन की तिथि विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। यह स्पष्ट रूप से मनमानी एवं अवैध वसूली का संकेत है, जिस पर रोक लगाया जाना आवश्यक है जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा ने कहा कि पी.डी. होने की स्थिति में अस्थायी विच्छेदन की तिथि से ही फाइनल बिल बनाया जाना चाहिए, किंतु मनमाने ढंग से अंतिम बिल बनाए जा रहे हैं। निर्देश दिए जाएँ कि विद्युत प्रदाय संहिता-2005 के अनुसार ही पी.डी. फाइनल बिल बनाया जाए जिला अध्यक्ष उद्योग मंच सर्वेश गुप्ता ने कहा कि कनेक्शन पी.डी. होने पर मीटर उतारे जाने के पश्चात भी उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी समायोजित कर फाइनल बिल नहीं दिया जाता तथा सौदेबाजी कर बिल तैयार किए जाते हैं, जिस पर रोक लगाई जाए। जिला उपाध्यक्ष सर्वत हमीद खान ने कहा कि उपभोक्ता द्वारा साक्ष्यों सहित लिखित शिकायत करने पर विभागीय कर्मचारियों को बचाने हेतु जाँच के नाम पर फाइलें लंबित कर दी जाती हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। ऐसी शिकायतों के निस्तारण हेतु समय-सीमा एवं जाँच अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। युवा जिला मंत्री निखिल गुप्ता ने कहा कि विद्युत विभाग द्वारा संचालित ओटीएस योजना वर्तमान में 2 किलोवाट घरेलू एवं 1 किलोवाट वाणिज्य उपभोक्ताओं तक सीमित है। अनुरोध है कि यह योजना सभी प्रकार के औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं घरेलू उपभोक्ताओं पर लागू की जाए। नगर उपाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि जिन फीडरों/ट्रांसफार्मरों पर मानक से अधिक लाइन लॉस पाया जाता है, वहाँ संबंधित उपखंड अधिकारी एवं अवर अभियंता की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। अधीक्षण अभियंता चन्द्रशेखर कुमार ने सभी मांगो को गंभीरता पूर्वक सुनकर मांगो को शासन को पहुंचा कर उनके निस्तारण की बात कही इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष नरेश शंखधार,अभिषेक रस्तोगी, गुड्डू गुप्ता, दीपक गुप्ता , प्रमोद गुप्ता, संदीप गुप्ता ,फखरे आलम, सालीम सैफी, सुजीत गुप्ता अवधेश वर्मा आदि दर्जनों व्यापारियों ने प्रदर्शन किया













































































