बरेली। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा संघ के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। संगठन के प्रदेश महामंत्री सोनू ठाकुर के नेतृत्व में कार्यकर्ता सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकारी को सौंपकर नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की।इस अवसर पर सोनू ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में सहायता का आधार आर्थिक स्थिति होनी चाहिए, न कि जाति या धर्म। उन्होंने कहा कि हर जाति और वर्ग में गरीब भी हैं और संपन्न भी, ऐसे में केवल जाति के आधार पर सुविधाएं देना न्यायसंगत नहीं है।उनका कहना था कि शिक्षा में सहयोग वास्तव में उन जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचना चाहिए, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म से हों।प्रदेश महामंत्री ने आरोप लगाया कि यूजीसी के नए नियम से समाज में आपसी वैमनस्य और भेदभाव बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि ऐसे नियमों का अक्सर गलत इस्तेमाल होता है, जिसका खामियाजा गरीब वर्ग को भुगतना पड़ता है, जबकि संपन्न लोग इससे प्रभावित नहीं होते।राष्ट्रीय सेवा संघ ने मांग की कि सरकार जाति आधारित प्रावधानों पर पुनर्विचार करे और सभी जाति व धर्म के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए समान रूप से शिक्षा संबंधी सुविधाएं सुनिश्चित करे, ताकि गरीब बच्चों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके।प्रदर्शन में रितिक सक्सेना, अभिषेक सक्सेना, मोहित सक्सेना, अखिलेश शंखधार, विजय गौरव, शर्मा, सोनू सिंह उर्फ कल्लू सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।