सहसवान। जलस्तर घटने के साथ ही पैनी हुई गंगा की लहरों ने बसौलिया के बाद अब तेलिया नगला और खिरकवारी मानपुर पुख्ता के पास तेज कटान शुरू कर दिया है। पिछले दो दिन में सैकड़ों बीघा कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है। इधर शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में और गिरावट दर्ज की गई। इससे अन्य स्थानों पर भी कटान होने की आशंका जताई जा रही है। पिछले चार दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जलस्तर घटने पर कटान की आशंका जताई जा रही थी। तीन दिनों से बसौलिया के पास कटान हो रहा था। हालांकि कटान की गति धीमी होने के चलते गंगा से जीएम बांध की दूरी तकरीबन डेढ सौ मीटर बनी हुई है। दो दिन से तेज हुई धाराओं ने गांव खिरकवारी मानपुर पुख्ता के सामने तेलिया नगला के पास तेजी से कटान करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि कटान की गति इतनी तेज रही तो तेलिया नगला, कोतल नगला और गंगा महावा बांध को भी खतरा हो सकता है। शुक्रवार को नरौरा बैराज से गंगा में 82 हजार 902 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कछला में मीटर गेज घट कर 162.15 मीटर पर आ गया। बिजनौर से 57 हजार 18 क्यूसेक और हरिद्धार से 81 हजार 236 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर में और गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है।