बरेली। राज्य महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पाण्डेय ने रविवार को महिला थाना बरेली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि पति-पत्नी के बीच होने वाले विवादों को प्राथमिक रूप से काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाया जाए। उन्होंने कहा कि भले ही इसमें समय अधिक लगे, लेकिन काउंसलिंग से परिवार टूटने से बच सकता है। झगड़ों में केवल पति-पत्नी ही नहीं, बल्कि दोनों परिवारों को नुकसान उठाना पड़ता है, जो अत्यंत दुखद है। आयोग की सदस्य ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि दांपत्य संबंध मधुर रहें और ऐसी स्थिति न बने कि मामला थाना-कचहरी तक पहुंचे। मुस्लिम महिलाओं के नकाब से जुड़े सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत विषय है। जहां पर्दे की आवश्यकता हो वहां नकाब जरूरी है, लेकिन आधार कार्ड या पासपोर्ट जैसे सरकारी दस्तावेज बनवाते समय पहचान के लिए चेहरा दिखाना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए ताकि किसी की सरकारी सुविधा किसी और के हाथ न चली जाए। नीतीश कुमार द्वारा नकाब हटाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना आहत करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि वाजिब हकदार को ही उसका अधिकार मिले। महिला थाने में देखा मैश, रहने को रूम, बाथरूम, जमीन का फर्स और पीड़ित जो आते हैं उनके बच्चों को खेलने के लिए एक कमरा होना चाहिए उसमें खेलने के गेम हो ।