बांग्लादेश में अल्पसंख्यको पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे पर मुस्लिम जमात ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
बरेली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यको पर हो रहे अत्याचार पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के नेतृत्व में मुस्लिम जमात के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम मंत्री उत्तर प्रदेश डाक्टर अरूण कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मौलाना ने कहा कि बंगलादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ अत्याचार और भेदभाव बड़ी संगीन सुरते हाल इख्तियार कर चुका है। बांग्लादेश में मौजूदा राजनीतिक हालात बहुत ख़तरनाक हो चुके हैं। कट्टरपंथी संगठनों ने पहले शेख़ हसीना का तख्ता पलटा और अब अल्पसंख्यको को बराबर निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही है। ढाका, चाटगाम, कुमिल्ला आदि शहरों में अल्पसंख्यको के घरों पर हमले किए गए हैं। और दुर्गा पूजा के पिंडालो को उखाड़ फेका गया, और एक अल्पसंख्यक नौजवान लड़के की मॉब लिंचिंग करके मार देने का वाक्य सामने आया है।
मौलाना ने कहा कि उक्त बांग्लादेश की सुरते हाल पर भारत का मुसलमान चिंतीत है और कड़े शब्दों में निन्दा करता है, ये घटनाएं बेहद अफसोसनाक और मानवता के खिलाफ है। इस्लाम एक इंसान के क़त्ल को पूरी इंसानियत का क़त्ल करार देता है। बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसक घटनाओं पर हमें गहरी चिंता है और इस मुश्किल घड़ी में भारत का मुसलमान अल्पसंख्यको के साथ खड़ा है।
मौलाना बरेलवी ने कहा कि बंगलादेश में कट्टरपंथी विचारधारा के लोग पकिस्तानी खुफिया एजेंसी के इशारे पर काम कर रहे हैं, जिसका मकसद क्षेत्र में अशंति फैलाना है। एक अल्पसंख्यक की मॉब लिंचिंग की घटना अत्यंत निंदनीय है, और ये मानवता पर गहरा आधात है। बंगलादेश में इंसानियत का क़त्ल हो रहा है, और वहां अल्पसंख्यक समुदाय खुदको असुरक्षित महसूस कर रहा है।
हम ज्ञापन के माध्यम से भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने का मुतालबा करते हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाकर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। भारत सरकार से हमारी अपील है कि अपने राजनीतिक असर व रुसूक का इस्तेमाल करते हुए जल्द से जल्द मजबूत कदम उठाया जाए, ताकि मोहम्मद यूनुस की हुकूमत को समझ में आ जाए की भारत कड़े फैसले भी लेना जानता है।
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से हाजी खुशनूद अली खां, मुफ्ती फारुख मिस्बाही , मौलाना मुजाहिद हुसैन, नसीर अहमद नूरी , ताहिर हुसैन एडवोकेट, तहसीन रजा खां, नफीस अहमद , रिजवान हुसैन, अब्दुल हसीब खां, मोहम्मद रजा अंसारी , अदनान हुसैन आदि उपस्थित रहे।













































































