एचपी इंटरनेशनल स्कूल में सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर करियर काउंसलिंग वर्कशॉप हुई
बदायूँ। आज एचपी इंटरनेशनल स्कूल में सोशल मीडिया से हो रहे घातक प्रभावों को लेकर एक विशेष करियर काउंसलिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप को मोटिवेशनल स्पीकर सिद्धार्थ पन्नू ने संबोधित किया। उन्होंने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ छात्रों को बताया कि किस प्रकार सोशल मीडिया पर अत्यधिक सक्रियता उनके डोपामिन लेवल को असंतुलित कर रही है, जिससे धीरे-धीरे लत विकसित हो रही है। सिद्धार्थ पन्नू ने स्पष्ट किया कि यह आदत न केवल छात्रों की एकाग्रता को प्रभावित कर रही है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य, करियर और भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है।

वर्कशॉप के दौरान सिद्धार्थ पन्नू ने सोशल मीडिया को एक “डिजिटल एडिक्शन” बताते हुए इसके मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह छात्र सोशल मीडिया पर नियंत्रण पा सकते हैं, समय प्रबंधन सीख सकते हैं और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक गतिविधियों व करियर निर्माण में लगा सकते हैं। सत्र के अंत में छात्रों ने अपने करियर से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका सिद्धार्थ पन्नू ने प्रेरणादायक और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उत्तर दिया, जिससे छात्रों में आत्मविश्वास और स्पष्टता देखने को मिली।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक निदेशक शिवम पटेल ने कहा, “आज के डिजिटल युग में छात्रों को तकनीक का सही उपयोग सिखाना हमारी जिम्मेदारी है, ताकि वे सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचते हुए अपने लक्ष्य पर केंद्रित रह सकें।” वहीं निदेशिका सेजल पटेल ने कहा, “ऐसी वर्कशॉप छात्रों को जागरूक करने के साथ-साथ उनके जीवन और करियर को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाती हैं।” विद्यालय के प्रधानाचार्य संदीप पांडे ने अपने संबोधन में कहा, “सोशल मीडिया से दूरी नहीं, बल्कि संतुलन जरूरी है। यदि छात्र सही मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ें तो वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।” इस कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य पंकज गुप्ता भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी छात्रों को प्रेरित किया।













































































