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Uttar Pradesh

श्री राम के आदर्शों को अपनाने से ही, शांति, समरसता और नैतिक मूल्यों की होगी स्थापना : रवि

December 19, 2025By admin0 comments
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उझानी : क्षेत्र के समीपवर्ती गांव बरसुआ में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव का नौवें दिन कथा का प्रभु श्री राम की लीलाओं और राज्याभिषेक के साथ समापन हो गया। कथा पंडाल भगवान श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। सुबह से शाम तक अनोखा भक्तिमय माहौल बना रहा। कथा शिरोमणि रवि महाराज ने भगवान श्री राम के आदर्श चरित्र, कर्तव्यनिष्ठ जीवन और धर्मप्रधान आचरण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। उनका जीवन मर्यादा, संयम, त्याग और करुणा का ऐसा आदर्श है, जो प्रत्येक युग में मानव समाज के लिए पथप्रदर्शक है।
रवि महाराज ने कहा कि श्री राम ने जीवन के प्रत्येक चरण में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा के साथ किया। पुत्र, भ्राता, पति, मित्र और राजा—हर रूप में उन्होंने लोकमंगल को सर्वोच्च स्थान दिया। आज के समय में जब सामाजिक मूल्य क्षीण होते जा रहे हैं, तब रामकथा मानव को सत्य, सहनशीलता और कर्तव्यबोध की प्रेरणा प्रदान करती है।
रवि महाराज ने कथा में माता अनसूया द्वारा माता सीता को दिए गए पतिव्रता धर्म और संस्कारों के उपदेश को नारी गरिमा एवं पारिवारिक मूल्यों की आधारशिला बताया। इसके पश्चात अगस्त्य मुनि संवाद, दंडक वन की लीलाएं, जटायु से भेंट, सूपनखा प्रसंग, खर–दूषण वध और मारीच वध के माध्यम से धर्म की रक्षा एवं अधर्म के विनाश का सुस्पष्ट संदेश दिया। सीता हरण, जटायु–रावण युद्ध तथा जटायु उद्धार, शबरी मिलन और नवधा भक्ति का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भक्ति निष्कलंक भाव और पूर्ण समर्पण से ही सार्थक होती है। नारद संवाद, हनुमान से मिलन, राम–सुग्रीव मित्रता, बाली वध एवं उद्धार, सीता खोज हेतु हनुमान जी का लंका गमन, लंका दहन, विभीषण का त्याग और राम मिलन, समुद्र पर सेतु निर्माण तथा रामेश्वरम् की स्थापना का भावपूर्ण वर्णन किया गया। अंत में रावण के सपरिवार वध और भगवान श्री राम के राजतिलक के प्रसंग के साथ कथा का समापन हुआ। धर्म की धर्म का नाश, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो, के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। रवि महाराज ने कहा कि रामकथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि आचरण में उतारने का जीवन दर्शन है। जब समाज श्री राम के आदर्शों को अपनाएगा, तभी शांति, समरसता और नैतिक मूल्यों की स्थापना संभव होगी।भजन-कीर्तन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस मौके पर बोर्ड बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़, डा.वीरेन्द्र सिंह, श्रीकृष्ण राणा, संजीव सिसोदिया, प्रशांत एडवोकेट, हरिओम यादव, राष्ट्रीय हनुमान दल के अमित सिसोदिया, मोहित पाठक, भूपेंद्र सिंह, कुलदीप शर्मा, सचिन चौहान, जगवीर कुमार, अनुज मिश्रा, शैलेंद्र यादव, गीता यादव आदि मौजूद रहीं।

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