हिजाब विवाद पर महंत राजू दास का नीतीश कुमार को समर्थन, शिक्षण संस्थानों में प्रतिबंध की मांग
बहराइच में बृहस्पतिवार को हिंदू सेवा सुरक्षा संघ की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने शिरकत की। बैठक के दौरान उन्होंने हिजाब को लेकर चल रहे विवाद पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का खुलकर समर्थन किया। महंत राजू दास ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोई गलत काम नहीं किया है और महिला की पहचान के लिए हिजाब हटाना गलत नहीं ठहराया जा सकता।
महंत राजू दास ने कहा कि यदि किसी को नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र लेना था, तो उसे हिजाब पहनकर नहीं जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ हिजाब पहनने वालों के घरों से भारी मात्रा में असलहे बरामद होते हैं। उन्होंने कहा कि लाल किले पर बम ब्लास्ट करने वाले मुस्लिम डॉक्टर निकले और उनका सहयोग करने वाले भी डॉक्टर थे। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा हिजाब हटवाने को गलत नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। महंत राजू दास ने देश के शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा के मंदिरों में किसी भी तरह का धार्मिक भेदभाव नहीं होना चाहिए।
बैठक के दौरान महंत राजू दास ने ऐतिहासिक और धार्मिक मुद्दों पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश के मंदिरों को तोड़ने और लाखों निर्दोषों की हत्या करने वाले बाबर के नाम पर किसी भी मस्जिद को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मुस्लिम समाज अपने धर्म के किसी महापुरुष के नाम पर मस्जिद बनाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी और वे सहयोग भी करेंगे, लेकिन आक्रांताओं के नाम पर किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने नगर में स्थित सैय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह को भी आक्रांता की मजार बताते हुए हटाने की मांग की। बैठक में मनीष पांडे, देशराज वर्मा, शुभम मिश्रा समेत बड़ी संख्या में हिंदू सेवा सुरक्षा संघ के कार्यकर्ता मौजूद रहे।













































































