मुख्य समाचार पर जाएँ
Wednesday, 21 October 2026
SKS24NEWSNational Hindi Digital News Networkख़बर वही, जो सच बताए!
देश की आवाज़स्थानीय खबरें · राजनीति · शिक्षा · खेल
☀️ 29.0 °C साफ · बदायूँ
🥇 सोना ₹1,51,950.00 / 10 ग्राम
🥈 चांदी ₹2,35000/ किलो
सुर्खियाँ
बदायूँ में धूमधाम से मना दशहरा, रावण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों का हुआ दहन,शीतल आतिशबाजी ने मन मोहाबदायूं में दहेज के लिए नवविवाहिता की मौत, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप8वें वेतन आयोग की मुंबई में 22-23 अक्टूबर को बैठक, लेवल-1 की बेसिक सैलरी 18 हजार से बढ़कर 69 हजार रुपये होने की संभावना!तुलसी मठ में विधि-विधान से हुआ अस्त्र-शस्त्र पूजनदशहरे पर शक्ति और भक्ति के समन्वय की दिखी परंपरा, महंत नीरज नयन दास ने बताया पूजन का महत्वविजयदशमी (दशहरे) के पावन पर्व पर शिवसेना नाथ नगरी बरेली ने किया भव्य शस्त्र पूजनस्वर्गीय मनोज पांडे की स्मृति में पर्वतीय सांस्कृतिक समाज ने वृद्धाश्रम में कराया भोजन
Uttar Pradesh

कथा व्यास ने कहा भगवान श्रीराम ने दिया मर्यादा, त्याग और संयम का दिव्य संदेश

December 17, 2025By admin0 comments
👁 0 views
WhatsAppImage2026-02-15at42216PM1
previous arrow
next arrow

उझानी । क्षेत्र के समीपवर्ती गांव बरसुआ में श्रीराम कथा महोत्सव के सातवें दिन भक्ति, श्रद्धा और भावनाओं का ऐसा सागर उमड़ा कि पूरा क्षेत्र राममय हो उठा। कथा शिरोमणि रवि महाराज ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को युवाओं के लिए मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन चरित्र आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना त्रेता युग में था।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-12-28at122820
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at122213
previous arrow
next arrow

उन्होंने कहा कि संयम, साधना और त्याग के मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति सच्ची सफलता और सम्मान प्राप्त कर सकता है।
अपने ओजस्वी प्रवचन में श्री रवि महाराज ने कहा कि युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण निष्ठा रखते हुए मर्यादा का पालन करना चाहिए। श्रीराम का संपूर्ण जीवन यही सिखाता है कि अधिकार से पहले कर्त्तव्य और भोग से पहले त्याग का भाव होना चाहिए। जब व्यक्ति स्वयं को अनुशासन में ढाल लेता है, तभी समाज और राष्ट्र का निर्माण सुदृढ़ होता है। कथा के दौरान भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग का अत्यंत जीवंत वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रोताओं में उत्साह और भक्ति की लहर दौड़ गई। लक्ष्मण–परशुराम संवाद सुनाया। भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग में सम्पूर्ण पंडाल मंगल भाव से गूंज उठा। माता सीता की विदाई का प्रसंग आते ही वातावरण करुणा से भर गया और अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।इसके पश्चात विश्वामित्र का अवधपुरी में आगमन, राजा दशरथ का गुरु वशिष्ठ के आश्रम में जाकर श्रीराम के युवराज बनने के लिए शुभ मुहूर्त पूछना तथा गुरु वशिष्ठ द्वारा युवराज बनने से पूर्व श्रीराम को संयम, साधना और ब्रह्मचर्य का उपदेश देने की कथा का गहन वर्णन किया गया। रवि महाराज ने कहा कि युवराज बनने से पहले श्रीराम का तपस्वी जीवन उनके चरित्र की महानता दर्शाता है। अयोध्या नगरी में श्रीराम के राज्याभिषेक की भव्य तैयारियों का दृश्य मानो सम्पूर्ण अयोध्या साक्षात श्रोताओं के समक्ष जीवंत हो उठी हो। इसी क्रम में देवताओं द्वारा रची गई लीला, माता सरस्वती द्वारा मंथरा की बुद्धि फेरना, महारानी कैकेयी का कोप भवन में प्रवेश तथा राजा दशरथ–कैकेयी संवाद का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। कथा के प्रसंगों ने श्रोताओं को जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों में धैर्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने का संदेश दिया। कथा में गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या के उद्धार का भी वर्णन किया। भगवान श्रीराम की करुणा, दया और उद्धारक स्वरूप का अद्भुत दर्शन हुआ। कथा के दौरान पंडाल जय श्रीराम के जयकारों, भजनों और तालियों से गूंजता उठा। दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।
श्री राम भक्तों ने भगवान श्री राम की भव्य आरती की। इस मौके पर अंजू चौहान, प्रधान राकेश सिंह, राजीव सिंह, सरिता मिश्रा, हरवीर सिंह, आदित्य, उत्पल सक्सेना, विकास, कमलेश मिश्रा, यश, जगदीश, धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow

यह भी पढ़ें

Home
Live TV
VIDEO NEWS
+ Create
Verified by MonsterInsights