बरेली। मद्रास हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन द्वारा भगवान मुरुगन के प्राचीन मंदिर में जोत जलाने की अनुमति देने और संबंधित स्थल को मंदिर की संपत्ति मानने के निर्णय के बाद कर्नाटक सरकार और कुछ सांसदों द्वारा उनके खिलाफ महाभियोग लाने की पहल का विरोध शुरू हो गया है। इसी क्रम में अखिल भारत हिन्दू महासभा के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। पंकज पाठक ने कहा कि न्यायमूर्ति स्वामीनाथन ने अपने न्यायिक अधिकारों का सही उपयोग किया है और उनका फैसला कानून तथा न्याय के अनुरूप है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार और कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा महाभियोग का प्रस्ताव न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है, जो संविधान की मूल भावना के विपरीत है। महासभा ने मांग की कि कर्नाटक सरकार महाभियोग लाने की कार्रवाई वापस ले और न्यायिक प्रक्रियाओं में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न किया जाए। ज्ञापन में केंद्र व राज्य सरकारों से न्यायपालिका की स्वतंत्रता और गरिमा बनाए रखने की भी अपील की गई। ज्ञापन देने बालो में राजीव शर्मा , राजेश शर्मा , नन्द किशोर शर्मा , अनुज श्रीवास्तव, हनी , मुकेश सागर , सोने लाल शर्मा आदि मौजूद रहे।